वाट्सऐप के जरिए हुआ बड़ा घोटाला, जांच शुरू
बाजार नियामक सेबी ने मोबाइल एसएमएस और वाट्सऐप मैसेज के जरिए हुए संदिग्ध निवेश घोटाले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि इन माध्यमों के जरिए निवेशकों को शुरुआती भुगतान के बाद बड़े पैमाने पर रिटर्न का वादा किया गया था।
दो व्यक्तियों मंसूर रफीक खांडा और फिरोज रफीक खांडा को सेबी ने बृहस्पतिवार को निवेश सलाहकार के तौर पर काम करने से रोक दिया।
सेबी ने कथित तौर पर पाया कि ये लोग अनधिकृत रूप से एसएमएस और वाट्सऐप मैसेज के जरिए कारोबारी टिप्स दे रहे थे।
बाजार नियामक यह भी जांच कर रहा है कि कहीं दोनों आरोपियों का संबंध इम्तियाज हनीफ खांडा और वली ममद हबीब घनीवाला से तो नहीं है, जिन्हें सेबी ने क्रमश: अगस्त 2013 और दिसंबर 2013 में प्रतिबंधित किया था।
पांच अलग-अलग मोबाइल की जांच शुरू
सेबी ने कहा कि इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए 20 अगस्त 2013 और 30 दिसंबर 2013 को प्रतिबंधित व्यक्तियों और इन दोनों आरोपियों में यदि कोई संबंध है तो उसकी जांच करना उचित है।
सेबी ने पांच अलग-अलग मोबाइलों से एसएमएस, वाट्यऐप और कुछ वेबसाइटों से लुभावने आफर मिलने की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की। जब एसएमएस भेजने वाले मोबाइल नंबर पर फोन किया गया तो एक बैंक खाते में पैसे जमा कराने के लिए कहा गया। सेबी इस बैंक खाते की जरिए मंसूर और फिरोज तक पहुंची।
नियामक का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच में मामले की गहराई और इनसे हुए नुकसान का पता चल सकेगा। बाजार नियामक ने दोनों आरोपियों को बाजार में अपनी सभी गतिविधियां बंद करने का आदेश दिया है। उनसे अपने सभी कागजात और विज्ञापन इंटरनेट तथा अन्य स्थानों से वापस लेने के लिए कहा गया है। साथ ही निवेशकों को भी ऐसे संदेशों और सलाहों से सावधान रहने के लिए कहा गया है।