नरम पड़ी आठ प्रमुख उद्योगों की रफ्तार

Market Updated Fri, 01 Jun 2012 12:00 PM IST
Soft-had-a-speed-of-eight-key-industries
ख़बर सुनें
प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों, कच्चे तेल और उर्वरकों के नकारात्मक प्रदर्शन के चलते देश के आठ प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर अप्रैल महीने में नरम पड़ कर 2.2 प्रतिशत पर आ गई, जबकि अप्रैल 2011 में यह दर 4.2 प्रतिशत रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि जीडीपी की विकास दर के बीती तिमाही में गिरकर 5.3 फीसदी पर रह जाने में इन उद्योगों में धीमापन आने की काफी हद तक भूमिका रही है, क्योंकि देश के औद्योगिक उत्पादन में इन उद्योगों की भागीदारी 37.90 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2011-12 में इन प्रमुख उद्योगों की विकास दर 4.4 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह दर 6.6 प्रतिशत रही थी।
प्राकृतिक गैस उत्पादन में गिरावट जारी
चालू वित्त वर्ष के पहले महीने अप्रैल में कच्चे तेल के उत्पादन में ऋणात्मक 1.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष की आलोच्य अवधि में यह बढ़ोतरी 11 प्रतिशत रही थी। वित्त वर्ष 2011-12 में देश में कच्चे तेल के उत्पादन में मात्र एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 11.9 प्रतिशत रही थी। प्राकृतिक गैस के उत्पादन में भी गिरावट का रुख बना हुआ है।

अप्रैल 2011 में इसके उत्पादन में नकारात्मक 9.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी, जो इस वर्ष की समान अवधि में घटकर ऋणात्मक 11.3 प्रतिशत पर आ गई। वित्त वर्ष 2010-11 में प्राकृतिक गैस के उत्पादन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में यह ऋणात्मक 8.9 प्रतिशत हो गया।

उर्वरकों की मांग बढ़ी लेकिन उद्योग नरम
पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में अप्रैल 2012 में ऋणात्मतक 2.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह वृद्धि 6.6 प्रतिशत रही थी। वित्त वर्ष 2011-12 में देश में इनका उत्पादन 3.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 3.0 प्रतिशत रहा था।

देश में उर्वरकों की मांग बढ़ने के बावजूद इस वर्ष अप्रैल में इसके उत्पादन में ऋणात्मतक 9.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि अप्रैल 201। में यह बढ़ोतरी नकारात्मतक 1.3 प्रतिशत रही थी। वित्त वर्ष 2011-12 में इनके उत्पादन में 0.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह शून्य प्रतिशत पर रहा था। अप्रैल 2012 में कोयले के उत्पादन में 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले वर्ष की आलोच्य अवधि में इसका उत्पादन 2.7 प्रतिशत बढ़ा था। वित्त वर्ष 2011-12 में इसका उत्पादन 1.2 प्रतिशत बढ़ा।

बिजी उत्पादन में भी हुई गिरावट
वित वर्ष 2010-11 में इसमें ऋणात्मक 0.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। अप्रैल 2012 में सीमेंट का उत्पादन 8.6 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 0.1 प्रतिशत रहा था। वित्त वर्ष 2011-12 में इसमें 6.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 4.5 प्रतिशत रहा था। अप्रैल 2011 में देश में बिजली के उत्पादन में 6.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी, जो इस वर्ष की आलोच्य अवधि में घटकर 4.6 प्रतिशत रही।

वित्त वर्ष 2011-12 में देश में बिजली के उत्पादन में 8.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2010-11 में यह दर 5.6 प्रतिशत रही थी। इस वर्ष अप्रैल में इस्पात का उत्पादन 5.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। पिछले वर्ष अप्रैल में यह दर 2.9 प्रतिशत रही थी। वित्त वर्ष 2010-11 में इस्पात का उत्पादन 13.2 प्रतिशत बढ़ा था जो वित्त वर्ष 2011-12 में घटकर 7.0 प्रतिशत पर आ गया।

Spotlight

Related Videos

बीजेपी-पीडीपी ब्रेकअप पर उमर अब्दुल्ला ने तोड़ी चुप्पी

जम्मू कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद राजनीतिक संकट खड़ी हो गई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अब सरकार किसकी बनेगी। इस मुद्दे पर पूर्व सीएम सुनिए उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा।

19 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen