हे भगवान! दर्द सहा नहीं गया, तो काट ली अपनी बाजू
उनके हाथों में इंफेक्शन इतना फैल गया था कि सिर्फ उसे काट देना ही रास्ता बचा था। मार्क ने अपनी जिंदगी बचाने के लिए एक अस्पताल को अपने हाथ काटने की अर्जी भी लगाई थी।
लेकिन मार्क को लगा कि कई दिनों बाद भी उसका हाथ काटने के लिए डॉक्टर उसे नहीं बुला रहें हैं।
उसे लगा कि डॉक्टर और अस्पताल उसके हाथों को काटने में देरी कर रहें हैं और वो उसका हाथ काटना ही नहीं चाहते हैं।
गुस्से में उठाया कदम
इंफेक्शन से मार्क का दर्द बढ़ता ही जा रहा था। फिर एक दिन मार्क ने तैश में आकर अपने हाथ खुद ही काट लिए।
इतना ही नहीं, वो इस घटना को अंजाम देने के बाद इतने गुस्से में था कि उसने अपनी आधे कटे हाथ को जला भी डाला।
अब मार्क ने अस्पताल वालों पर जानबूझकर उसका हाथ नहीं काटने का आरोप लगाया है।
ये कैसी लत! 200 बार में भी नहीं आया मजा
चला रहा था मोटरसाइकिल
तेज-तर्रार रफ्तार में मोटरसाइकिल चलाने का अपना ही मजा है। लेकिन इससे अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं और लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ जाती है।
44 साल के मार्क गोडार्ड भी एक ऐसे ही मोटरसाइकिल एक्सिडेंट का शिकार हो गए थे। एक्सिडेंट में मार्क का बायां हाथ बुरी तरह से घायल हो गया था।