फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Bizarre News Archives ›   its not monalisa its minilisa

ये मोनालिसा नहीं, बल्कि 'मिनी लीसा' है

Wed, 07 Aug 2013 12:26 PM IST
इंटरनेट डेस्क
इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 07 Aug 2013 12:26 PM IST
विज्ञापन
its not monalisa its minilisa

दुनिया की सबसे दिलकश और रहस्यमयी मुस्कुराहट का अब छोटा वर्जन भी तैयार हो गया है।

विज्ञापन


जी हां, अब तक मोनालिसा की पेंटिंग को केवल रहस्यमयी मुस्कान के लिए ही जाना जाता था, लेकिन जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने इस रहस्य को एक रिकॉर्ड में तब्दील कर दिया है।

फॉक्सन्यूज के अनुसार, शोधकर्ताओं ने मोनालिसा की लगभग 30 माइक्रोन के आकार वाली पेंटिंग बनाई है। इसकी चौड़ाई का अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि यह एक बाल के एक-तिहाई हिस्से पर बनी है।
विज्ञापन


अचरज की बात ये है कि ये पेंटिंग न तो ब्रश से बनाई गई है और न पेंसिल से। बल्कि इसे रासायनिक विधि से तैयार किया गया है। इस नई रासायनिक तकनीक का नाम थर्मोकेमिकल नैनोलीथोग्राफी (टीसीएनएल) है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस तरह से पेंटिंग बनाने में सबसे अहम भूमिका ताप की होती है। शोधकर्ता जेनिफर कर्टिस ने बताया कि तापमान के साथ तालमेल बनाकर शोधकर्ताओं की इस टीम ने रासायनिक प्रक्रिया को अंजाम दिया।


ताप को नियंत्रित करके रासायनिक क्रिया में अणुओं को नैनोस्केल में रखा जाता है, जिससे छोटी से छोटी तस्वीर बनाई जा सकती है।

शोधकर्ताओं ने इसे 'मिनी लीसा' नाम दिया है। हर पिक्सल में 125 नैनोमीटर का फासला है। हालांकि ये प्रक्रिया काफी कठिन है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि वो जल्द ही इसे और बेहतर बना लेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed