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मरने से पहले ही छात्रा ने करवाया अपना अंतिम संस्कार
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
Updated Wed, 03 Apr 2013 09:28 AM IST
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कुछ लोग इतने लेटलतीफ होते हैं कि अपने ही अंतिम संस्कार में समय पर नहीं पहुंच पाते। लेकिन चीन की एक छात्रा अपने जीते जी अपना अंतिम संस्कार करवाया और लेटलतीफी का कोई मौका नहीं दिया। दरअसल अपनी दादी मां के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों का व्यवहार देखकर इस छात्रा ने सोचा कि वो खुद के अंतिम संस्कार की गवाह जरूर बनेगी।
मेट्रो.को.यूके के मुताबिक चीन के हुबेई प्रांत की 22 वर्षीया छात्रा जेंग ने अपने अंतिम संस्कार का आयोजन किया। जेंग ने बाकायदा अपने लिए सुंदर कॉफिन बनवाया और उसे डैकोरेट करवाया। जेंग ने अंतिम संस्कार की रस्म को रिकार्ड करने के लिए वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर को भी बुक किया।
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खुद सज धज कर जेंग अपनी प्यारी गुड़िया के साथ करीब एक घंटे तक कॉफिन में लेटी रही। इस दौरान अंतिम संस्कार के सभी चीनी रिवाज निभाए गए। मातम पुर्सी के लिए भी काफी लोग आए क्योंकि जेंग ने अपने परिचितों और मित्रों को आमंत्रित किया था।
जेंग ने कहा कि उसे इस बात का अफसोस था कि अंतिम संस्कार में आने वाले लोग मृतक के बारे में बातचीत कम करते हैं और कौन आ जा रहा है, इस पर बातें बनाते हैं। जेंग का कहना है कि वो अपना अंतिम संस्कार के जरिए देखना चाहती थी कि कैसा महसूस होता है जब लोग मातमपुर्सी करने आते हैं।
जेंग ने कहा कि इस रस्म के जरिए वो ये देखना चाहती थी कि लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। वैसे जेंग ने कहा कि लोगों की प्रतिक्रिया तो खास पता नहीं चल सकी लेकिन खुद उसने इन पलों को काफी इंजॉय किया।
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मेट्रो.को.यूके के मुताबिक चीन के हुबेई प्रांत की 22 वर्षीया छात्रा जेंग ने अपने अंतिम संस्कार का आयोजन किया। जेंग ने बाकायदा अपने लिए सुंदर कॉफिन बनवाया और उसे डैकोरेट करवाया। जेंग ने अंतिम संस्कार की रस्म को रिकार्ड करने के लिए वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर को भी बुक किया।
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खुद सज धज कर जेंग अपनी प्यारी गुड़िया के साथ करीब एक घंटे तक कॉफिन में लेटी रही। इस दौरान अंतिम संस्कार के सभी चीनी रिवाज निभाए गए। मातम पुर्सी के लिए भी काफी लोग आए क्योंकि जेंग ने अपने परिचितों और मित्रों को आमंत्रित किया था।
जेंग ने कहा कि उसे इस बात का अफसोस था कि अंतिम संस्कार में आने वाले लोग मृतक के बारे में बातचीत कम करते हैं और कौन आ जा रहा है, इस पर बातें बनाते हैं। जेंग का कहना है कि वो अपना अंतिम संस्कार के जरिए देखना चाहती थी कि कैसा महसूस होता है जब लोग मातमपुर्सी करने आते हैं।
जेंग ने कहा कि इस रस्म के जरिए वो ये देखना चाहती थी कि लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। वैसे जेंग ने कहा कि लोगों की प्रतिक्रिया तो खास पता नहीं चल सकी लेकिन खुद उसने इन पलों को काफी इंजॉय किया।