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इनकी दौड़ के आगे धीमी है चीतों की रफ्तार
Updated Sat, 16 Nov 2013 12:04 PM IST
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चार लोग दो चीतों के पीछे दौड़ लगाते हैं और उन्हें धर-दबोचते हैं। वो चीता, जो इस धरती पर पाए जाने वाले जानवरों में सबसे तेज़ दौड़ने के लिए मशहूर है।
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सौ किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक तेज़ रफ़्तार से दौड़ने में सक्षम इन चीतों का पीछा करके पकड़ने की ये घटना पूर्वोत्तर कीनिया की है।
ये चीते हर दिन गांव आते और रोज़ ही गांववालों के जानवर उठाकर ले जाते थे।
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बकरियों के मालिक एक ग्रामीण ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने चीतों को पकड़ने के लिए वो समय चुना जब सूरज की किरणों में सबसे अधिक आग होती है।
इसके बाद चार ग्रामीणों ने इन चीतों को चार मील तक दौड़ाया। चीते जब दौड़-दौड़कर थक गए, तब उन्हें ज़िंदा पकड़कर कीनिया के वन विभाग के हवाले कर दिया गया।
'चीते भरें मुआवज़ा'
नूर उस्मान हसन ने बीबीसी की सोमाली सेवा को बताया कि वो इन चीतों से मुआवज़ा चाहतें हैं जिन्होंने उसकी अधिकतर बकरियों को हज़म कर लिया।
हसन ने बताया, ''इन चीतों ने मेरी पंद्रह बकरियां मार दी। बकरियों को मारने ये चीते रोज़ मेरे घर आते थे।''
घटना को याद करते हुए हसन बताते हैं, ''मैंने कुछ युवकों को बुलाया और इन चीतों के पीछे दौड़ लगा दी।''
चीतों को उस समय पकड़ा गया जब दिन का तापमान सबसे अधिक था। इसके बाद उन्हें स्थानीय अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।