फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Auto Archives ›   concept cars, No one can buy

ऐसी कारें जिनको कोई कभी नहीं खरीद पाएगा

Mon, 13 Oct 2014 03:39 PM IST
Updated Mon, 13 Oct 2014 03:39 PM IST
विज्ञापन
concept cars, No one can buy

दुनियाभर में होने वाले मोटर शोज में कई ऐसी कॉसेंप्ट कारों का प्रदर्शन किया जाता है जो कभी बाज़ार में आती ही नहीं हैं।

विज्ञापन


पेरिस में चल रहा मोटर शो भी कोई अपवाद नहीं है। यहां भी कई कॉसेंप्ट कारें लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

तो फिर ऐसी कारों के प्रदर्शन का क्या औचित्य है जिनकी लोग सवारी न कर सकें।

इंडस्ट्री वेबसाइट जस्टऑटो डॉट कॉम के एडिटर डेविड लैगेट कहते हैं, "यह बहुत प्रतिस्पर्द्धी बिजनेस है। ऐसे में अगर आपके पास कोई अच्छा कॉसेंप्ट हो तो आप सुर्ख़ियां बटोर सकते हैं।"

जापानी कंपनी इनफ़िनिटी ने इस शो में अपनी कॉसेंप्ट कार क्यू80 को उतारा है।

कॉसेंप्ट कार

concept cars, No one can buy

इसके डिजाइनर अल्फोंसो अल्बैसा का कहना है कि क्यू80 का स्टाइल इसकी सबसे बड़ी खूबी हैं।

सिट्रोन ने अपनी कॉसेंप्ट कार डीएस डिवाइन को प्रदर्शित किया।

कंपनी के प्रोडक्ट स्ट्रैटजी चीफ़ फ्रांसुआ बैकन का कहना है कि इसका मकसद ज्यादा व्यावहारिक है क्योंकि कंपनी एस्टन मार्टिन और पोर्श से सीधे मुक़ाबले की तैयारी कर रही है।

लेकिन कॉसेंट कारें केवल सुर्ख़ियां बटोरने के लिए नहीं होती हैं बल्कि वे प्रोटोटाइप भी हो सकती हैं।

उदाहरण के लिए पर्ज़ो ने अपनी नई 208 हाइब्रिड एयर कार उतारी है। इसमें एक छोटा साधारण पेट्रोल इंजन हाइड्रोलिक मोटर के साथ लगाया गया है जो कम्प्रैस्ड नाइट्रोजन से चलता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हाइब्रिड

concept cars, No one can buy

इस तकनीक में पेट्रोल इलेक्ट्रिक हाइब्रिड के सभी फ़ायदे हैं। इसमें बैटरी की ज़रूरत नहीं पड़ती हैं जिससे यह सामान्य हाइब्रिड से हल्का हो सकता है।

साथ ही यह सस्ती होगी और इसके हाइब्रिड सिस्टम को तेज़ी से रिचार्ज किया जा सकेगा।

लेकिन इस तकनीक को अमली जामा पहनाने में अभी लंबा वक़्त लगेगा।

कंपनी ने एक और कार एक्जेल्ट को इस शो में उतारा है।

विज्ञापन

मटेरियल का परीक्षण

concept cars, No one can buy

यह कार डीलोरियान की तरह दिखती है। डीलोरियान को 1980 के दशक की फ़िल्म 'बैक टू द फ्यूचर' में प्रसिद्धि मिली थी।

डिजाइन डायरेक्टर जाइल्स विडाल का कहना है कि इसके माध्यम से कंपनी अपने नए मटेरियल का परीक्षण करना चाहती है।

उन्होंने कहा, "हम इसे न्यूज़पेपर वुड कहते हैं। हम पुराने अख़बार से वुड की तरह मटेरियल बनाते हैं और फिर इससे कार का इंटीरियर बनाते हैं।"

अधिकांश कॉसेंप्ट कारें सुर्ख़ियां बटोरने के बाद गायब हो जाती हैं लेकिन वे मोटर शोज में जान डाल देती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed