हवाई सफर और मर्सिडीज, जानिए क्या है मामला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोटर ट्रांस्पोर्ट की दुनिया में सबसे पुरानी और बेहतरीन माने जाने वाली कंपनी मर्सिडीज़़ हवाई सफ़र में लग्ज़री को नए मायने देने जा रही है।
तो क्या मिर्सिडीज़ नए विमान बनाने जा रही है?
जी नहीं, वह बिज़नेस एयरक्रैफ़्ट या छोटी और मध्यम आकार के एक्ज़ीक्यूटिव जेट के नए केबिन डिज़ाइन कर रही है।
मर्सिडीज़़ ने जर्मन एयरलाइन लुफ़्थांसा के साथ पार्टनरशिप कर बिज़नेस एयरक्रैफ़्ट के हवाई यात्रियों को आरामदेह सुविधाएं मुहैया कराने का प्लान बनाया है। जहाँ तक जेट के उड़ने और उड़ान तकनीक का सवाल है, वो ज़िम्मेदारी लुफ़्थांसा की है।
इस कॉन्सेप्ट को हाल में जिनेवा में आयोजित बिज़नेस एयरक्राफ्ट के 2015 इंटरनेशनल ट्रेड शो में पेश किया गया है।
लग्ज़री पेंटहाऊस जैसा
नए डिज़ाइन के केबिन में प्रवेश करें तो लगता है मानो किसी लग्ज़री पेंटहाऊस में पहुँच गए हों।
मर्सिडीज़ बेंज का ऑटोमोबाइल डिज़ाइन विभाग केबिन को सौंदार्यात्मक लुक देने का काम कर रहा है जबकि लुफ़्थांसा का इंजीनियरिंग विभाग लुफ्तांशा टेकनिक रेट्रोफिटिंग और कस्टमाइजिंग का काम देख रहा है।
हवाई जहाज़ का इंटीरियर कैसे होगा, ये ऊपर की तस्वीरों में देखा जा सकता है।
ग़ौरतलब ये है कि नए डिज़ाइन में ना तो कोई गलियारा है, न चार सीटों की पंक्ति और ना ही कोई ठंडा-गर्म और खाना लाने वाली बेवरेज कार्ट।
उसकी जगह चमचमाते हुए आरामदेह सोफ़े और फर्निशिंग है। केबिन में कोई कोने नज़र नहीं आते बल्कि ये एक आरामदेह लाऊंज की लुक देता है।
मर्सिडीज़़ की मालिक कंपनी डायमलर एजी के वाइस प्रेसीडेंट गार्डेन वेगेनेर कहते हैं, "हमारे डिज़ाइन की फिलॉसफ़ी को दिलकश तरीके से एयरोनॉटिकल इंजीनयरिंग की दुनिया में ले जाना बड़ी चुनौती थी।"
ब्लैक पैनल, टच स्क्रीन
इस डिज़ाइन में कई हाई-टेक फ़ीचर हैं। खिड़कियां ब्लैक पैनल से ढकी हुई हैं। ये डिज़ाइन मर्सिडीज़ के मैजिक स्काई कंट्रोल ग्लास पर आधारित है और ये चमकती धूप को रोकने के लिए पूरी तरह से काला कर सकता है।
ऐसी सुविधा हाल में लॉन्च हुए 787 ड्रीमलाइनर में उपलब्ध कराई गई है।
यही नहीं, बिज़नेस और एंटरटेनमेंट के लिए टच स्क्रीन वाले सिस्टम बनाए गए हैं।
दोनों कंपनियां मिलकर अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिहाज से कस्टमर इंटरेस्ट यानी इन फ़ीचर्स में दिलचस्पी को भांपने की कोशिश कर रही हैं।
उद्योगिक स्तर पर प्रोडक्शन इसके बाद शुरू होगी।
इस दौरान कंपनियों ने सुविधाएँ ऐसी बना दी हैं कि सफ़र के बाद यात्री ये सोचने पर मजबूर हो सका है कि 'छोड़ें, होटल में कौन जाएगा, जेट में ही रहते हैं।'