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'जब खाट ले जाने वाले ‘लुटेरे’ हैं तो माल्या डिफाल्टर कैसे'

Thu, 08 Sep 2016 04:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संतकबीरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, संतकबीरनगर Updated Thu, 08 Sep 2016 04:27 AM IST
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Rahul Gandhi attack on opponents in roadshow
- फोटो : ANI

देवरिया में मंगलवार को आयोजित खाट सभा के बाद कुछ लोगों द्वारा खाट ले जाने की घटना पर भाजपा और मीडिया के रवैए को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा, जो लोग खाट ले गए वे गरीब थे, उन्हें उसकी जरूरत थी। लेकिन उन्हें ‘लुटेरा’ बना दिया गया। वहीं जब माल्या जैसे उद्योगपति बैंकों के हजारों करोड़ रुपये लेकर देश छोड़कर भाग जाते हैं तो उन्हें डिफाल्टर कहा जाता है। यही फर्क कांग्रेस और दूसरे राजनीतिक दलों में है। 

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खलीलाबाद शुगर मिल परिसर में बुधवार शाम आयोजित खाट सभा में कांग्रेस उपाध्यक्ष शाम करीब 5.31 बजे पहुंचे। लोगों का अभिवादन कर उनकी समस्याएं सुनीं। कहा, यह देश किसानों का है। जब वह किसान को देखते हैं तो उन्हें हिंदुस्तान की शक्ति नजर आती है। चुनाव पूर्व भाजपा कहती थी नरेंद्र मोदी की सरकार आएगी तो करोड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा। किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिलेगा। लेकिन दो साल से अधिक समय बीत गया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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यूपी में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों का कर्ज माफ करेंगे, बिजली बिल हॉफ करेंगे और कृषि उत्पादों के समर्थन मूल्य का हिसाब करेंगे। करीब 35 मिनट की खाट सभा में उन्होंने 22 मिनट तक किसानों की बातें सुनीं और 13 मिनट तक लोगों संबोधित किया।

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पीएम विदेशी दौरों में व्यस्त हैं और जनता त्रस्त है

Rahul Gandhi attack on opponents in roadshow
राहुल गांधी - फोटो : Congress

कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में किसान का 70 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ हुआ। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योगपतियों के एक लाख दस हजार करोड़ रुपये माफ किए हैं। किसानों से 40 रुपये किलोग्राम दाल लेकर 200 रुपये में बेची जा रही है। किसानों को सही दाम मिलना चाहिए। यूपी में बिजली नहीं बल्कि बिल मिल रहा है। राहुल ने किसानों से तीन सवाल किए और कहा कि बिजली के दाम आधे होने चाहिए। 

पीएम विदेशी दौरों में व्यस्त हैं और जनता त्रस्त है। कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर पर्ची बांटेंगे और किसान उस पर मय नाम और समस्या के लिखकर दें। इन समस्याओं को वह पीएम तक पहुंचाएंगे। 
उन्हें बताएंगे कि किसान अपना कर्ज माफ करवाना चाहते हैं तो शायद पीएम कर्जा माफ कर दें। जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो वादा करते है कि किसानों के कंधे से कर्ज का बोझ हटाएंगे। बेलवा सेंगर के किसान हरिश्चंद्र चौधरी ने सिर्फ 25 प्रतिशत किसानों को ही सूखा राहत मिलने का दर्द सुनाया।

जबकि घूरा पाली के किसान हरिराम त्रिपाठी की भी यहीं पीड़ा थी। सांथा के हुकुमदार सामानी,गोडही के गुलाम हुसैन खा, इंद्रजीत  अशरफपुर, ने भी बाढ़, सूखा और गन्ना मिल बंद होने की वजह से तंगहाली के शिकार होने का दुखड़ा सुनाया। इस दौरान प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद, जिलाध्यक्ष परवेज खान, पूर्व लोक सभा प्रत्याशी रोहित पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष नाजिम खां, पूर्व सांसद सुरेंद्र यादव,  पूर्व विधायक असफर यू अहमद,अखंड बहादुर पाल,सोनू यादव, सुनील पांडेय राणा सिंह,अमित कन्नौजिया,मारकण्डेय राय,अजय सिंह आदर  उपस्थित रहे।

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