नौकरी न करनी पड़े इसलिए आईएसआईएस से करवाया खुद को किडनैप!
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आए दिन खुद की किडनौपिंग के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन इस व्यक्ति ने जो खुद के किडनैपिंग की कहानी रची है वो हैरान करने वाली है। अनुज उपाध्याय नाम के इस व्यक्ति ने खुद को आईएसआईएस के हांथों किडनैपिंग की झूठी कहानी रची है। कारण जानकर भी आप चौक जाएंगे। 22 वर्षीय अनुज के घरवाले उससे नौकरी करने को कहते, लेकिन वो बात टाल देता। नौकरी तलाश करने के लिए भी कोई उपाय नहीं कर रहा था। घरवालों के तानों से तंग आकर उसने खुद के किडनैपिंग की कहानी रची। अनुज 25 जुलाई को मुंबई चला गया। उसने अपने करीबी चचेरे भाई अंकित को ही इसकी जानकारी दी थी कि वो मुंबई जा रहा है।
यहां आने के बाद वो परिवार के एक सदस्य के घर में रहने लगा। जिस परिवार के साथ अनुज मुंबई में रहता था वो अनुज से बार-बार पूछते कि उसे नौकरी कब मिलेगी। परिवार वालों के सवालों से तंग आकर अनुज ने एक प्लान बनाया। 2 अगस्त को अंकित को अनुज के मोबाइल फोन से एक और मेसेज मिला। मेसेज में लिखा था कि उसे आईएसआईएस ने किडनैप कर लिया है और अगले चार दिनों में उसे मौत के घाट उतार दिया जाएगा। एक दूसरे मेसेज में उसने अंकित से कहा कि, 'मुझे कुछ लोगों ने पकड़ लिया है और वो मुझे बहुत दूर ले आए हैं।' अगले दिन उसने अंकित को बताया कि, 'किडनैपर्स ने उसे मुंबई के अंधेरी एरिया में कहीं पर रखा है।'
सर्विलांस पर लगाकर पकड़ा पुलिस ने
अनुज ने बताया कि जब उसे मौका लगा तो उसने चारो किडनैपरों को लोहे की रॉड से हमला किया और छूट कर भाग आया है। यह सुनने के बाद अंकित ने अनुज से कहा कि वो फौरन नालासोपारा पुलिस स्टेशन चला जाए जहां उसकी बहन और जीजा पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन अनुज ने मना कर दिया। अंकित को कुछ संदेह हुआ तो उसने फौरन मुंबई पुलिस स्टेशन को सूचित कर दिया। ताड़देव पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया और अनुज के मोबाइल को सर्विलांस पर लगा दिया। फोन की लोकेशन अंधेरी के नजदीक की मिली।
पुलिस ने उसे अंधेरी से पकड़ लिया और ताड़देव पुलिस स्टेशन सवाल-जबाव के लिए लाया गया। पुलिस का कहना है कि उन्हें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। अनुज से पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारियों ने पूछताछ की है। एटीसी, लोकल पुलिस, एटीएस, ने भी अनुज से पूछताछ की, लेकिन उन्ह कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। डीसीपी जोन तृतीय, प्रवीण पड़वाल का कहना है कि, अनुज को काफी समय से नौकरी की तलाश थी लेकिन वो बिना काम करे पैसे कमाना चाहता था। इसलिए घरवालों के प्रेशर में आकर उसने घर छोड़ दिया। उससे सभी जरूरी प्रश्न पूछे गए और अब उसे उसके घरवालों के हवाले कर दिया है।'