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विधानसभा चुनाव 2018: राजनीतिक दलों को देना होगा पाई-पाई का हिसाब
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 18 Oct 2018 06:43 AM IST
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विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होते ही राजनीतिक दलों की मुस्तैदी तेज हो गई है। पार्टियों के अलावा निर्वाचन आयोग भी पूरे फॉर्म में आ गया है। आयोग ने राजनीतिक दलों के खर्च को लेकर रेट कार्ड भी तैयार कर दिया है।
आयोग के तैयार किए गए रेट कार्ड में चाय, नाश्ता, समोसे से लेकर पंडाल बुकिंग तक, सबका रेट तय हो चुका है। प्रत्याशी अपने प्रचार-प्रसार के दौरान कार्यकर्ताओं को खिलाने-पिलाने या अन्य कार्यों में जो खर्च करेगा, इसका खर्च निर्वाचन आयोग उसी दर से जोड़ेगा।
आपको बता दें, इस साल नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों को लोकसभा से पहले चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इन पांच राज्यों में सबसे अहम मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान है, इन तीनों राज्य में भाजपा की सरकार है। ये चुनाव तय करेंगे कि मोदी की लोकप्रियता में इस बार कोई कमी आई है या नहीं, राहुल लोगों के दिलों में जगह बना पा रहे हैं या नहीं।
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आयोग के तैयार किए गए रेट कार्ड में चाय, नाश्ता, समोसे से लेकर पंडाल बुकिंग तक, सबका रेट तय हो चुका है। प्रत्याशी अपने प्रचार-प्रसार के दौरान कार्यकर्ताओं को खिलाने-पिलाने या अन्य कार्यों में जो खर्च करेगा, इसका खर्च निर्वाचन आयोग उसी दर से जोड़ेगा।
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आपको बता दें, इस साल नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों को लोकसभा से पहले चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इन पांच राज्यों में सबसे अहम मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान है, इन तीनों राज्य में भाजपा की सरकार है। ये चुनाव तय करेंगे कि मोदी की लोकप्रियता में इस बार कोई कमी आई है या नहीं, राहुल लोगों के दिलों में जगह बना पा रहे हैं या नहीं।
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