लुटेरों ने दरोगा को गाड़ी से कुचलने की कोशिश की, हालत गंभीर
- चार पहिया वाहन से भाग रहे बदमाशों का पीछा कर रहे थे दरोगा
- बदमाशों ने दरोगा की बाइक को टक्कर मारी और फरार हो गए
- अस्पताल नें गंभीर हालत में दरोगा भर्ती, अब तक हत्थे नहीं चढ़ें बदमाश
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यूपी के शामली के चौसाना इलाके में लूटपाट के बाद पिकअप से भाग रहे बदमाशों ने बाइक सवार दरोगा को कुचलने की कोशिश की। दरोगा की बाइक में टक्कर मारकर बदमाश अपनी गाड़ी मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही चौसाना पुलिस पहुंची और घायल दरोगा को करनाल के नर्सिंग होम में भर्ती कराया।
बुधवार रात सहारनपुर के चाऊपुरा निवासी अनिल और रजनीश करनाल में आढ़ती से पैसे लेकर लौट रहे थे। चौसाना चौकी क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुरा के निकट बदमाशों ने दोनों को आतंकित कर रोक लिया और अनिल से दस हजार रुपये और मोबाइल, रजनीश से 30 हजार रुपये और मोबाइल लूटकर फरार हो गए।
पीड़ितों ने लूटपाट की सूचना सहारनपुर क्षेत्र के कुंडा कलां चौकी पर दी, लेकिन पुलिस ने चौसाना चौकी क्षेत्र का मामला बताया। जिस पर पुलिस ने वायरलेस पर मैसेज कर चौसाना पुलिस को सूचना दी। इस दौरान चौसाना चौकी के दरोगा आनंद पाल और एक अन्य कांस्टेबल ने गश्त के दौरान संदिग्ध पिकअप देखी, जिसमें सवार युवकों ने पुलिस को देख अपनी गाड़ी और तेज कर दी।
दरोगा आनंद पाल ने उनकी गाड़ी के सामने बाइक खड़ी कर रोकने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने दरोगा की बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दरोगा उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद बदमाश अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर भाग निकले।
हमलावरों के पशु तस्कर होने की आशंका
घायल दरोगा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें नर्सिंग होम में ले जाने की सलाह दी। पुलिस ने घायल दरोगा को करनाल के नर्सिंग होम में भर्ती कराया। पुलिस के मुताबिक बदमाशों तलाश की जा रही है।
पुलिस को जो पिकअप मिली है। उसमें से पुलिस ने रस्सी और फट्टे बरामद किए हैं। जिससे हमलावरों के पशु तस्कर होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक बाइक सवार युवकों से लूटपाट करने वाले बदमाश कोई और हैं।
उधर चौसाना पुलिस ने इस वारदात की सूचना आलाधिकारियों को भी नहीं दी। बृहस्पतिवार को जब आलाधिकारियों को मामले का पता लगा, तो उन्होंने झिंझाना थाना और चौसाना चौकी इंचार्ज को कड़ी फटकार लगाई। एडिशनल एसपी ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट भी तलब की है।
पहले भी हो चुके हैं खाकी पर हमले
करीब तीन साल पूर्व झिंझाना थाना क्षेत्र के बिडौली चेक पोस्ट पर चेकिंग के दौरान मुस्तफा उर्फ कग्गा ने सिपाही सचिन मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
करीब एक माह पूर्व कांधला बुढ़ाना मार्ग पर चेकिंग कर रहे पशु तस्करों ने महेन्द्रा पिकअप में सिपाही को खींच लिया था और कई किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ा था।
झिंझाना के तत्कालीन बीपी यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों को खादर क्षेत्र में खनन माफियाओं ने घेर लिया और दौड़ा दौड़ाकर पीटा। इसमें बीपी यादव को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की गई। गंभीर घायल बीपी यादव को मेरठ में भर्ती कराया गया।
करीब दो माह पूर्व कैराना के गांव जहानपुरा में दबिश देने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी थी। जिसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे।
शामली के एडीशनल एसपी अनिल कुमार झा ने बताया कि लूटपाट की वारदात सहारनपुर क्षेत्र में हुई है। हमारी पुलिस ने गस्त के दौरान संदिग्ध पिकअप को रोकने की कोशिश की, जिस पर उन्होंने पुलिसकर्मियों को टक्कर मारी। जिसमें एक दरोगा घायल हो गया।