इन लोगों ने कराया अपना ही अपहरण, कारण अजीबोगरीब
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किसी ने फोन खरीदने के लिए तो किसी ने गोवा घूमने के लिए अपना ही अपहरण करवा लिया। ऐसे कई अजीबोगरीब कारण हैं जब लोगों ने खुद को किडनेप कराना बेहतर समझा।
शादी से ऊब गई तो करा लिया किडनेप
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक महिला ने अपनी शादी से छुटकारा पाने के लिए प्रेमी की मदद से अपना झूठा अपहरण करवाया। मामला 2014 का है, यहां शाहपुर इलाके के शहजाद की शादी रेशमा से हुई थी। रेशमा किसी और से प्रेम करती थी, उसने अपने प्रेमी की मदद से खुद का अपहरण कराया।
शुरू शुरू में तो पुलिस को अपहरण का केस सच्चा लगा लेकिन जब शहजाद ने बताया कि शादी से पहले उसे रेशमा से शादी न करने की धमकी मिलती थी तो पुलिस को मामला प्रेम प्रसंग का लगा।
काफी खोजबीन के बाद रेशमा अपने प्रेमी बाबर के साथ पकड़ी गई। उसने बताया कि प्रेमी ने अपने पांच दोस्तों के साथ मिलकर ये नाटक रचा था ताकि शहजाद किसी पर शक न जाहिर कर सके।
शहजाद को जब रेशमा के प्रेम प्रसंग और अपहरण की असलियत पता चली तो उसने उसके साथ रहने से मना कर दिया।
नशे और कर्ज के चलते कराया किडनेप
वो डिप्टी ऑडिटर का लाडला था लेकिन नशे के चक्कर में वो गलत रास्ते पर चल पड़ा। उसने दोस्तों से नशे के लिए उधार लिया और उधार न चुकाने पर उसने खुद के ही किडनेप की साजिश रच डाली।
मामला ग्वालियर का है यहां रिटायर्ड डिप्टी जनरल ऑडिटर के पुत्र का अपहरण होने से सनसनी फैल गई। फिरौती में 45 हजार रुपए मांगे गए थे।
पुलिस ने किशोर की मोबाइल लोकेशन से पता लगाया कि वो ग्वालियर के ही एक होटल में है। वहां किशोर मुकेश को दोस्त शाकिर के साथ धर लिया गया।
पकड़े जाने पर किशोर ने बताया कि वो दोस्तों के कर्ज से परेशान हो गया था और पिता से पैसे मांगने की उसकी हिम्मत नहीं थी, लिहाजा उसने अपने किडनेप की साजिश रची।
गोवा घूमने के लिए कराया किडनेप
वो वेलेंटाइन डे पर अपनी महबूबा के साथ गोवा में मस्ती करना चाहता था लेकिन इसके लिए पैसे नहीं थे। ऐसे में लखनऊ के लकड़ी व्यापारी के बेटे ने खुद को ही किडनेप करा लिया और बाप से एक करोड़ की फिरौती मांगनी चाही।
मामला पिछले साल वेलेंटाइन डे के आस पास का है। लखनऊ के लकड़ी व्यवसायी आलम सिद्दीकी के बेटे शान वारिस सिद्दीकी के अपहरण की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई बदमाशों ने आलम से कहा कि अगर एक करोड़ नहीं दिए तो शान के टुकड़े टुकड़े करके घर के बाहर रखवा देंगे। आलम के पास एक करोड़ का इंतजाम नहीं हो पाया तो बात 60 लाख तक पहुंच गई
आलम बदमाशों के बताए पते पर साठ लाख लेकर पहुंचे। इसी दौरान पुलिस भी पहुंच गई और दो बदमाशों को पकड़ा गया। इन्होंने ही शान के प्लान का भंडोफोड़ कर दिया।
पुलिस ने बताया कि शान ने प्रेमिका के साथ मिलकर अपने किडनेप की तैयारी की और अपने दोस्तों को भी इसमें शामिल किया। शान की प्रेमिका और दोस्त लखनऊ के जाने माने और संपन्न परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।
अबार्शन कराने के लिए खुद हो गई किडनेप
झूठे किडनेप का ये मामला नोएडा में इसी 23 फरवरी को खुला। नोएडा में रहने वाली एक युवती ने अपना अबार्शन कराने के लिए सहेली की मदद से खुद को झूठा किडनेप करा लिया।
दरअसल युवती एक युवक के साथ लिव इन में रहती थी और वो प्रेगनेंट हो गई। घऱवालों को बताए बिना गर्भपात कराने के लिए युवती ने अपने किडनेप का ड्रामा रचा।
उसने नोएडा सिटी सेंटर के पास अपने दोस्त की मदद से खुद को किडनेप कराया और मामला अखबारों में छप गया।
इनका प्लान था कि इस दौरान वो अबार्शन करा लेगी और उसकी सहेली उसे पास के ही एक अस्पताल में भरती करा देगी।
वो ही युवती पुलिस को बताएगी कि लड़की उसे घायलावस्था में कहीं पड़ी मिली थी। पुलिस जांच में अपहरण और बलात्कार का मामला बन जाएगा और लड़की अपने घरवालों को सच बताने से बच जाएगी।
लेकिन पुलिस की तत्परता से मामला तुरंत खुल गया और लड़की की दोस्त और प्रेमी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
बोर्ड एग्जाम से बचने के लिए कराया अपहरण
ऐसे एक नहीं कई मामले हैं जहां बच्चों ने एग्जाम के डर से अपना अपहरण करा लिया।
एक मामला ग्वालियर का है जहां कपिल गर्ग नामक छात्र ने हायर सैकेंडरी के एक्जाम से बचने के लिए अपने अपहरण की साजिश रची। कपिल बोर्ड एक्जाम की सही से तैयारी नहीं कर पाया था और वो पेपर नहीं देना चाहता था। लेकिन परिवार वालों के दवाब के चलते वो परीक्षा स्थल के लिए रवाना हुआ और रास्ते से ही गायब हो गया।
जब उसे फोन किया गया तो किसी व्यक्ति ने फोन उठाया और कहा कि इसका किडनेप कर लिया गया है।
उधर पुलिस फोन की लोकेशन खोजते हुए जब छात्र तक पहंची तो वो अपने दोस्त के घर पर आराम फऱमाता मिला।
कॉलेज में हाजिरी कम थी, करा लिया किडनेप
एक और मामला गोवा के 20 साल के जॉन एंथोनी का है जिसने परीक्षा से बचने के लिए खुद के अपहरण की कहानी रच ली। इसी साल 19 फरवरी के दिन जॉन ने अपनी मां को फोन पर बताया कि कुछ लोगों ने उसे अगवा कर लिया है और उसे बुरी तरह मारा पीटा जा रहा है।
जॉन के पिता इलाके के बड़े बिल्डर हैं। जब पुलिस तक मामला पहुंचा तो पुलिस फोन की लोकेशन खोजते हुए जॉन तक पहुंची। तब जाकर मामला खुला कि जॉन कॉलेज में कम अटेंडेंस के चलते पेपर नहीं दे पा रहा था और उसने घरवालों से ये बात छिपाने के लिए खुद के अपहऱण का नाटक रचा।
फोन खरीदने के लिए कराया अपहरण
क्या कोई फोन खरीदने के लिए खुद को अगवा करवा सकता है। जी हां, ऐसे एक नहीं कई मामले हैं जब लोगों ने फोन खरीदने के लिए अपने अपहरण की साजिश रच डाली।
ये यूपी के इलाहाबाद में एक छात्र ने आईफोन खरीदने के लिए अपना अपहरण कराया और घरवालों से डेढ़ लाख रुपए की फिरौती मांगी।
जब पुलिस लोकेशन पर पहुंची तो छात्र ने बताया कि बदमाश उसे छोड़कर भाग गए।
बाद में सख्ती से पूछताछ किए जाने पर उसने बताया कि उसने अपने दोस्त का कीमती आईफोन कहीं खो दिया था और उसे आईफोन खरीद कर देने के लिए उसने अपने अपहरण की साजिश रची।
इस साजिश में उसका वही दोस्त शामिल था जिसका आईफोन खोया था।
पिटाई से बचने के लिए किडनेप कराया
कई बार बच्चे पिटाई से बचने के लिए अजीबोगरीब हरकतें करते हैं जिनमें अब झूठा किडनेप भी जुड़ गया है।
इंदौर में दसवीं क्लास के एक छात्र ने नानी की पिटाई से बचने के लिए अपने अपहरण की झूठी कहानी बनाई।
इस बच्चे ने फोन करके नानी को बताया कि उसे किडनेप कर लिया गया है और आंखों पर पट्टी बांधकर कहीं ले जाया जा रहा है। महिला घबराकर पुलिस के पास आई। पुलिस ने उसी नंबर पर फोन करके छात्र से बात की। पहले तो छात्र छिपाता रहा लेकिन बाद में उसने बताया कि वो मधुबन गार्डन के पास है।
पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि छात्र का अपहरण नहीं हुआ बल्कि वो नानी की पिटाई से बचने के लिए वहां चला आया था।