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Jharkhand: कैश कांड के आरोपी कांग्रेस के तीनों निलंबित विधायकों को मिली जमानत, बंगाल पुलिस ने किया था गिरफ्तार
Thu, 18 Aug 2022 09:10 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची/ कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची/ कोलकाता
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 18 Aug 2022 09:10 AM IST
सार
कोर्ट ने सभी आरोपियों को जमानत देते हुए उन्हें अगले तीन महीने तक कोलकाता नहीं छोड़ने का भी निर्देश दिया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि वे हर हफ्ते मामले के जांच अधिकारी के सामने पेश होंगे।
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झारखंड कांग्रेस के तीनों निलंबित विधायक
- फोटो : ANI
विस्तार
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को कांग्रेस के तीन निलंबित विधायकों - इरफान अंसारी, नमन बिक्सल कोंगारी और राजेश कच्छप सहित सभी पांच लोगों को अंतरिम जमानत दे दी है। जिन्हें 30 जुलाई को पश्चिम बंगाल पुलिस ने नकद जब्ती मामले में गिरफ्तार किया था। कोर्ट की डबल बेंच ने जमानत देते हुए उन्हें अगले तीन महीने तक कोलकाता नहीं छोड़ने का भी निर्देश दिया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि वे हर हफ्ते मामले के जांच अधिकारी के सामने पेश होंगे। अदालत ने उन्हें एक-एक लाख रुपये का जमानती मुचलका भरने का भी निर्देश दिया है। इस बीच, अदालत ने सुनवाई के लिए मामले को एमपी-एमएलए अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया।
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क्या है मामला
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार को गिराने की साजिश रचने में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में पश्चिम बंगाल पुलिस ने 30 जुलाई को तीन विधायकों सहित कुल पांच लोगों को 49 लाख रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया था।
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पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा कांग्रेस के तीन विधायकों को उनके वाहन में नकदी के साथ पकड़े जाने के एक दिन बाद, बोरमो विधायक कुमार जयमंगल ने उनके खिलाफ झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार को गिराने का प्रयास करने के लिए प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। जयमंगल ने अपनी प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया कि झामुमो, कांग्रेस और राजद की वर्तमान गठबंधन सरकार को गिराने के लिए उन्हें एक निश्चित मंत्री पद के साथ संतुष्टि की पेशकश की गई थी।
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