ताज: आतंकी हमले रोकने को लगे बोलार्ड बैरियर
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ताजमहल पर आतंकी हमला रोकने के लिए पूर्वी गेट पर एक नहीं, बल्कि चार बोलार्ड बैरियरों की दीवारें बना दी गई हैं। यलो जोन में अमर विलास होटल बैरियर से लेकर ताज पूर्वी गेट तक हर सौ मीटर पर ऑटोमेटिक हाइड्रोलिक बोलार्ड बैरियर और बूम बैरियर लगाए गए हैं।
ताकि आतंकियों के अलावा कोई भी संदिग्ध वाहन ताज के गेट तक न पहुंच सके। ताज नेचर वॉक के सामने ही इन बैरियरों को कंट्रोल करने के लिए सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाया गया है। ताजगंज प्रोजेक्ट के तहत यलो जोन में ताज की सुरक्षा के प्रबंध शुरू हो गए हैं।
बुधवार को इटली से मंगवाए गए ऑटोमेटिक हाइड्रोलिक बोलार्ड बैरियर को लगाने का काम शुरू कर दिया गया। ताजमहल के 500 मीटर दायरे में प्रत्येक 100 मीटर पर यह बैरियर लगाए जा रहे हैं। आयरन, एल्युमीनियम और स्टील से निर्मित इन बैरियरों को कम वोल्टेज में भी चलाया जा सकेगा, ताकि बिजली गुल होने पर यह बैटरी से भी कंट्रोल किए जा सकें।
यलो जोन में ही 3-3 मीटर के दो जगह बूम बैरियर लगाए गए हैं
ताजगंज प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, आतंकियों या किसी भी संदिग्ध के चार पहिया वाहन को ताजमहल के प्रवेश द्वार तक रोकने के लिए इन बोलार्ड बैरियरों का प्रयोग किया जाएगा। यह जमीन से चार फुट ऊंचाई तक निकल आएंगे।
यलो जोन में ही 3-3 मीटर के दो जगह बूम बैरियर लगाए गए हैं जो पूरी तरह से ऑटोमेटिक और कंट्रोल रूम से ऑपरेटेड हैं। ताजमहल की सुरक्षा के लिए गठित की गई डीजी की सुरक्षा समिति ने ऑटोमेटिक बोलार्ड बैरियरों की सिफारिश 10 साल पहले की थी।
नौ सितंबर को पर्यटन महानिदेशक नवनीत सहगल के दौरे से पहले ताज पूर्वी और पश्चिमी गेट पर बैरियरों को लगाने का काम पूरा हो जाएगा। आगरा में यह पहला स्मारक है, जहां ऑटोमेटिक बोलार्ड और बूम बैरियर लगाया गया है।