फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Books of Chitra Prakashan are reading from Meerut to foreign

मेरठ से विदेश तक फैला चित्रा प्रकाशन का प्रकाश, 1969 में पड़ी थी नींव

Mon, 06 Jan 2020 10:30 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 06 Jan 2020 10:30 PM IST
विज्ञापन
Books of Chitra Prakashan are reading from Meerut to foreign
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

किताबें वो जो समाज को नई दिशा दें। किताबें वो जिनके आखरज्ञान से देश में विकास की रोशनी प्रज्वलित होती हो। किताबें वो जो युवाओं के व्यक्तित्व विकास में नींव के पत्थर की भूमिका निभाती हों। समग्र ज्ञान से भरपूर ये किताबें युवाओं के बीच लाता है मेरठ का चित्रा प्रकाशन। अच्छी किताबें किसी भी समाज की प्रगति का मुख्य आधार होती हैं। अक्सर देखा जाता है कि बदलती परिस्थतियों के आधार पर किताबों में खासतौर से सिलेबस से जुड़ी किताबों में जरूरी बदलाव किए जाते हैं। किताबों के जरिये सरकार और समाज का उद्देश्य होता है कि सभी तक सही जानकारी पहुंचे। इसमें प्रकाशक भी अहम भूमिका निभाते हैं। देखा जाता है कि विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी किताबों के क्षेत्र में कुछ प्रकाशकों ने अपनी खास जगह बनाई है। इसी तरह जब शैक्षणिक किताबों की बात होती है, तो नाम आता है चित्रा प्रकाशन का। चित्रा प्रकाशन प्रा. लि. बीते कई वर्षों से प्रकाशन की दुनिया में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। इसके पीछे इसके चेयरमैन अजय रस्तेगी ओर आलोक रस्तोगी की कड़ी मेहनत है। अब इसमें नई पीढ़ी के मयंक रस्तोगी, वरुण रस्तोगी एवं नितिन रस्तोगी भी डायरेक्टर के तौर पर शामिल हो चुके हैं।

विज्ञापन


विज्ञापन


किताबें ऐसी जो शिक्षा के साथ करें चरित्र निर्माण
पाठ्य पुस्तकों को बेहतर बनाने के लिए कई बातों का ख्याल रखना जरूरी है। मसलन उन्हें सावधानी पूर्वक लिखा जाए। किताबों में भाषागत त्रुटियां नहीं होना चाहिए। किताबें जानकारी परक और गुणवत्ता परक सामग्री से भरी हों। बच्चों को केवल तथ्यात्मक जानकारी न दें, बल्कि उन्हें संवाद के पर्याप्त मौके भी देती हो। यह अधिक जरूरी है कि पाठ्य पुस्तकों को तकनीकि शब्दावली और उनकी परिभाषाओं से भय विश्वकोष जैसा बनाने से बचा जाए। इसके बजाय शिक्षक को अवधारणाओं की समझ पर केंद्रित करने की आजादी मिले। चित्रा प्रकाशन में इन सभी बातों का खास ख्याल रखा जाता है। इसी के आधार पर यहां शिक्षा और पाठ्यक्रमों से जुड़ी किताबों का प्रकाशन हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


1969 में पड़ी थी नींव
साल 1969 में उत्त्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर में चित्रा प्रकाशन की आधारिशला रखी गई थी। सात सालोंतक यहां शैक्षणिक पुस्तकें प्रकाशित होती रहीं। सन 1975 में चित्रा प्रकाशन को मेरठ में स्थानांतरित कर दिया गया। यहां जूनियर हाईस्कूल, हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कक्षा की पुस्तकों का प्रकाशन शुरू हुआ। अब चित्रा प्रकाशन की किताबें समूचे उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में प्र्र्र्रकाशित होती हैं। चित्रा प्रकाशन को उत्तर प्रदेश ही नहीं देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित प्रकाशकों में शामिल किया जा जाता है। प्रकाशन संस्थान अब राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुका है।

Trending Videos

नौवीं से पोस्ट ग्रेजुएशन की किताबें
चित्रा प्रकाशन से कक्षा 9,10,11,12 और स्नातक, स्नातकोत्तर की किताबें, क्वेश्चन बैंक और परीक्षा की दृष्टि से जरूरी अन्य अनेक प्रकार का साहित्य प्रकाशित होता है।
साल 2004 में चित्रा प्रकाशन इंडिया प्रा. लि. के रूप में स्थापित कर कॉरपोरेट रूप दिया गया।

खास उपलब्धियां
. कक्षा 11वीं से लेकर पोस्टग्रेजुएशन तक की सभी किताबें, गाइड, प्रश्नबैंक व एग्जाम सीरिज
. बीबीए, बीसीए, बीटेक व पॉलीटेकिभनक की किताबें। जैसे एप्लाइड फिजिक्स, एप्लाइड मैथमेटिक्स, बेसिक्स ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग।
. चित्रा प्रकाशन की सहायक ईकाई ब्लूप्रिंट एजहुकेशन की पुस्तकें भारत ही नहीं, पूरे यूएई में भी कीर्तिमान स्थापित कर चुकी हैं।
. मास्टर माइंड क्वेश्चन बैंक
. चित्रा एक अध्ययन क्वेश्चन बैंक

करोड़ों छात्रों का साथ
अपने अब तक के सफर में चित्रा प्रकाशन करोड़ों की संख्या में छात्रों तक पहुंच बना चुका है। पाठ्यक्रम के अतिरिक्त अन्य किताबों केलिए भी अब चित्रा प्रकाशन एक विश्वसनीय नाम बन चुका है।

पुरस्कार और सम्मान
ब्लूप्रिंट एजुकेशन द्वारा प्रकाशित क्रिएटिविटी एंड बियॉन्ड नामक पुस्तक श्रृंखला को साल 2015 में सम्मानित किया गया।

अपनी जड़ों से जुड़े रहकर, गुणवत्ता से समझौता न कर, उत्कृष्ट कार्यशैली के दम पर हमने यह मुकाम हासिल किया है। भविष्य में हम इसी पथ पर अग्रसर होकर प्रकाशन की दुनिया में अहम स्थान हासिल करना चाहते हैं। - अजय रस्तोगी चेयरमैन

बीत वर्षों में हमने अपने प्रकाशन के दायरे का विस्तार किया है। मेरठ सहित पूरे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के बाद अब विदेशों में भी हमारे प्रकाशन की किताबें पढ़ी जा रही हैं। इस उपलब्धि को हमें आगे बढ़ाना है। - आलोक रस्तोगी डायरेक्टर

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed