फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Love aaj kal contest even threats could not break spirit married after many hurdles

लव आज कलः धमकियों के बाद भी नहीं टूटा हौसला, मोहब्बत को दिया मुकाम

Mon, 10 Feb 2020 12:54 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 10 Feb 2020 12:54 PM IST
विज्ञापन
Amar Ujala Love aaj kal contest even threats could not break spirit married after many hurdles
मेरठ के कपल जिन्होंने जीती प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला

कहते हैं प्रेम कहानियां स्वर्ग में बनकर आती हैं, शायद हमारी जोड़ी भी ईश्वर ने तय करके भेजी थी। तभी लाख मुश्किलें आईं, रुकावटें आईं लेकिन कोई अड़चन हमारी मोहब्बत को डिगा नहीं सकी। आज शादी को सात साल हो चुके हैं, जब सोचती हूं तो लगता है जैसे कल की बात है।

विज्ञापन


रोज की तरह उस दिन भी मैं अपनी क्लास में ग्रामर पढ़ा रही थी, तभी मेरे फुफेरे भाई का फोन आया आज तुझे लड़के वाले देखने आ रहे हैं। मुझे दिखाने का कार्यक्रम तय हो चुका था। मुझे इतना खराब लगा कि स्कूल के कपड़ों में ही रिश्तेदार के यहां जाना पड़ा।
विज्ञापन


लड़के के फूफाजी मुझे स्कूल लेने आए और कार में बैठते ही उन्होंने अपना परिचय दिया। अपने साथ अपने घर ले गए। चूंकि उन्हें शामली से खतौली आना था उन्हें काफी वक्त लग गया। तब तक मैं अपनी बुआ व उनके परिवार से बात करती रही। काफी इंतजार के बाद मेरे घरवाले और बाकी लोग मुझे देखने आए। इतने लोगों को देखकर मन घबराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन जब लड़के से बात हुई तो सब सहज लगने लगा। उस दस मिनट की मुलाकात ने मेरी जिंदगी बदल दी। वैसे तो मैं पहली नजर में प्यार पर बिल्कुल यकीन नहीं करती, किंतु न जाने क्यों मुझे उनसे प्यार हो गया, और उनसे शादी करने का निर्णय कर लिया। उनका सहज स्वभाव, बोलती आंखें और हमेशा मुस्कुराता चेहरा मेरे दिल में उतर गया।

घर आकर इतनी खुश हुई मानों चारों तरफ फिल्मी अंदाज में तितलियां उड़ रही हों। उनके फोन का इंतजार करने लगी। दो दिन बाद इनकी बहन का फोन आया तो मुझे इनका नंबर दिया। पर मैं भारतीय नारी इनके फोन का इंतजार करने लगी।

दशहरे पर इनका फोन आया तो बातें शुरू हो गईं। सब कुछ अच्छा चल रहा था। अचानक हमारे प्यार को किसी की नजर लग गई। मेरे बारे में किसी ने इनकी बहन से बहुत कुछ बुरा कहा। इनके फोन आने बंद हो गए। पर मैं तो इन्हें खोना नहीं चाहती थी।

करवाचौथ का व्रत करके भगवान से प्रार्थना की और निर्णय लिया कि मुझे इन्हें ही अपना जीवनसाथी बनाना है। खैर कुछ दिनों बाद सब कुछ ठीक जानकर इन्होंने मुझे फोन किया। किंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था।

शादी का वक्त नजदीक आ रहा था। किसी ने इनको फोन करके धमकी दी, और मुझसे शादी न करने के लिए कहा। मेरे तो पैरों तले जमीन ही खिसक गई। मैं सोचती रह गई आखिर कौन है। जो यह नहीं चाहता कि हम शादी के बंधन में बंधे।

दिन बीतते गए और शादी के चार दिन पहले किसी का दोबारा फोन आया। फिर इन्हें ऐसी ही धमकी दी अगर कोई और लड़का होता तो शायद ये सारी बातें सच मानकर शादी न करता। मैं भी थक चुकी थी, इनको अपना सब कुछ मान चुकी थी। लेकिन मेरे चरित्र पर इतने दाग लगे कि शादी करने का मन ही नहीं रहा।

तब इन्होंने मेरा साथ दिया और मुझसे शादी करने के लिए डटे रहे। मेरे पास भी कोई रास्ता नहीं था, समाज के आगे और इनकी इच्छाशक्ति के आगे झुकना पड़ा। शादी के लिए तैयार हो गई। और वो दिन भी आ गया, सुबह से ही मन में डर था अगर धमकी वाली बात सच हो गयी तो मेरी वजह से कितनी जि़ंदगियां बेकार हो जाएंगी। लेकिन भगवान सच का साथ देते हैं।

सब कुछ सही सलामती से खत्म हो गया। शादी में आखिरी फेरा लेते वक्त दिल ने इतना ही कहा जो हमारी आत्मा को संतुष्ट करे वही सच है। सच को प्रमाण की जरूरत नहीं होती, अंतरात्मा को संतुष्ट करता है। मेरा भी सपना पूरा हो गया और पहली नजर का प्यार मेरा हो गया। आज हमारी शादी को सात साल हो चुके हैं। आज भी हम एक-दूसरे पर आंखें बंद करके भरोसा करते हैं और करते रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed