महाराष्ट्रः भाजपा चाहती है कि पांच अगस्त को राज्य में खुले मंदिरों के कपाट
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अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन के दिन पांच अगस्त को महाराष्ट्र भाजपा यादगार बनाना चाहती है। इसके लिए भाजपा कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं और कोरोना संक्रमणकाल में भी राज्य के मंदिरों के कपाट खुलवाने के लिए बेताब हैं।
भाजपा नेता चाहते हैं कि कोरोना के प्रकोप के चलते जो भक्त अयोध्या नहीं जा पा रहे हैं, वे मंदिर में ही दर्शन-पूजन करें। भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के नेता शुक्रवार को राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिले और पांच अगस्त को मंदिर खोलने के लिए सरकार को निर्देश देने की मांग की ।
प्रदेश भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में महाराष्ट्र की गौरवशाली भूमिका रही है। आंदोलन में महाराष्ट्र के लाखों लोग सहभागी हुए थे। आज देश के करोड़ों रामभक्तों की आस्था के मुताबिक राम मंदिर बनने की उनकी इच्छा और आकांक्षा पूरी होने का क्षण समीप आ गया है, तो उन्हें भी यह आनंद पर्व भगवान के सानिध्य में मनाना चाहिए।
हर रामभक्त चाहता है कि जो जहां हैं, वहीं के पास के मंदिरों में जाकर दर्शन पूजन करें। मंदिरों के खुलने से और ईश्वर के सानिध्य में रहकर करोड़ों हिंदू अपने आराध्य देव को श्रीराम के मंदिर निर्माण के भूमिपूजन समारोह में मानसिक रूप से सम्मिलित हो सकेंगे।
एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से पांच अगस्त को राज्य के मंदिरों को खोलने की मांग की गई थी। लेकिन राज्य सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उसके बाद राज्यपाल से गुहार लगाई गई है। संजय पांडेय के नेतृत्व राज्यपाल से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में श्रीज्ञानेश्वर मठ ट्रस्ट के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी शंकरानंद सरस्वती, मुंबई भाजपा नेता उदय प्रताप सिंह और अमरजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।