तूफानी चक्रवात निसर्ग से महाराष्ट्र में 6 की मौत 16 नागरिक जख्मी
- 6 जानवरों की गई जान, 5033 हेक्टेयर खेती खराब
- मुख्यमंत्री का मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजे का एलान
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अरब सागर में तूफानी चक्रवात निसर्ग ने कोकण के तटवर्ती इलाके रायगढ़ जिले में भारी नुकसान पहुंचाया है। तूफानी हवाओं के साथ हुई जोरदार बारिश में बिजली के खंभे उखड़ जाने से दूसरे दिन भी बिजली की सप्लाई सुचारू नहीं हो पाई है।
तूफान में कुल 6 लोग मारे गए हैं जबकि 16 लोग जख्मी हुए हैं। वहीं, 6 जानवरों मर गए और 5033 हेक्टेयर खेती खराब हो गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को समीक्षा बैठक की।
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजे का एलान किया गया है।
मुख्यमंत्री ठाकरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान की समीक्षा बैठक में पाया कि जिनके घरों को हुए नुकसान हुआ है वहां भोजन और पानी की भी सुविधा नहीं हैं।
ऐसे स्थानों पर तत्काल खाने के पैकेट और पानी पहुंचाया जाए। अस्पतालों और दवाखानों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि बहुत दिनों के बाद अरब सागर में उठे चक्रवात ने मुंबई व कोकण तटीय इलाकों में दस्तक दी है। हालांकि नसीब से तट पर टकराने के साथ ही चक्रवात कमजोर पड़ गया।
इससे बड़ा संकट टल गया है। लेकिन भविष्य में इस तरह के चक्रवात से निपटने की तैयारी आवश्यक हो गई है।
रायगढ़ के उपजिलाधिकारी डॉ. पद्मश्री बैनाडे ने बताया कि जिले के ग्रामीण इलाके में लाखों घरों को नुकसान के अलावा एक लाख से अधिक पेड़ गिरे हैं। 500 मोबाईल टॉवर गिरे। सड़कें टूटी हैं।
श्रीवर्धन और मुरुड में ज्यादा नुकसान हुआ है। हजारों की संख्या में बिजली के खंभे गिरे और जिले में 5 हेक्टेयर से अधिक खेतों का नुकसान और 10 बोट को भारी क्षति हुई है।
12 हेक्टेयर मछली के तलाबों का नुकसान हुआ है। वहीं, रत्नागिरी जिले में 14 सब स्टेशन, 1962 बिजली के खंभे गिरे, जलापूर्ति बाधित हुई।
चक्रवाती तूफान के चलते राज्य में 78 हजार 191 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया था। इससे तूफान से राहत व बचाव के लिए एऩडीआरएफ की 21 टीम और एसडीआरएफ की 6 टीमों को तैनात किया गया था।
मॉनसून से निपटने बीएमसी की खुली पोल
निसर्ग तूफान ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की मॉनसून से निपटने की तैयारियों की कलई खोल दी है। चक्रवात के कारण बुधवार से मुम्बई में शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी जारी रही।
जिसके कारण किंग्ज सर्कल (गांधी मार्केट), सायन, हिंदमाता और कुर्ला सहित उपनगरों में जगह- जगह जलजमाव देखा गया। सबसे ज्यादा जलजमाव की स्थिति किंग्ज सर्कल एवं सायन में रहा।
इससे लगभग 70 फीसदी नालों की सफाई का दावा करने वाली बीएमसी की पोल पहले ही खुल गई।