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झारखंड: जेपीएससी परीक्षा रद्द करने के खिलाफ हाईकोर्ट में सुनवाई जारी, सोमवार को आएगा अगला अपडेट
Fri, 09 Oct 2026 06:17 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 09 Oct 2026 06:17 PM IST
सार
झारखंड हाईकोर्ट में जेपीएससी सीडीपीओ और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने सरकार के अधिकार और प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि जेपीएससी ने परीक्षा में अनियमितताओं का तर्क दिया। अदालत अब सोमवार को आगे की सुनवाई करेगी।
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झारखंड हाई कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड में जेपीएससी सीडीपीओ और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। शुक्रवार को अदालत इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं ले सकी। अब सोमवार को मामले में आगे की सुनवाई होगी। याचिकाकर्ताओं ने नियुक्ति रद्द करने की प्रक्रिया को नियमों के विरुद्ध और असंवैधानिक बताया है, जबकि झारखंड लोक सेवा आयोग ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए सरकार के फैसले का बचाव किया है।
नियुक्ति रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट में सुनवाई
झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी सीडीपीओ और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति को रद्द करने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई की। उच्च न्यायालय में शुक्रवार को इस मामले पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। अदालत अब इस विषय पर सोमवार को आगे की सुनवाई जारी रखेगी।
'नियमों का पालन किए बिना रद्द की गई नियुक्ति'
मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स और इंद्रजीत सिन्हा ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने कहा कि नियुक्ति को रद्द करने की पूरी प्रक्रिया में नियमों का पालन बिल्कुल नहीं किया गया है। राज्य सरकार के पास नियुक्ति रद्द करने का अधिकार नहीं है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने राजनीतिक दबाव और छात्र आंदोलन के दबाव में आकर बिना नियमों का पालन किए परीक्षा रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। प्रार्थियों के वकीलों ने सरकार के इस आदेश को पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया।
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'परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लिया फैसला'
दूसरी ओर, झारखंड लोक सेवा आयोग की तरफ से अदालत में इस निर्णय का बचाव किया गया। जेपीएससी ने कहा कि परीक्षा लेने वाली संस्था की स्वच्छता और पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से तथा अभ्यर्थियों के हित को देखते हुए ही राज्य सरकार ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है।
आयोग का तर्क है कि परीक्षा में अनियमितता हुई है और इसमें शामिल अभ्यर्थियों को अलग करना बेहद मुश्किल काम है। बता दें कि इससे पहले गुरुवार को भी झारखंड हाईकोर्ट में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई पूरी हुई थी।
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नियुक्ति रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट में सुनवाई
झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी सीडीपीओ और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति को रद्द करने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई की। उच्च न्यायालय में शुक्रवार को इस मामले पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। अदालत अब इस विषय पर सोमवार को आगे की सुनवाई जारी रखेगी।
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'नियमों का पालन किए बिना रद्द की गई नियुक्ति'
मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स और इंद्रजीत सिन्हा ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने कहा कि नियुक्ति को रद्द करने की पूरी प्रक्रिया में नियमों का पालन बिल्कुल नहीं किया गया है। राज्य सरकार के पास नियुक्ति रद्द करने का अधिकार नहीं है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने राजनीतिक दबाव और छात्र आंदोलन के दबाव में आकर बिना नियमों का पालन किए परीक्षा रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। प्रार्थियों के वकीलों ने सरकार के इस आदेश को पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया।
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'परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लिया फैसला'
दूसरी ओर, झारखंड लोक सेवा आयोग की तरफ से अदालत में इस निर्णय का बचाव किया गया। जेपीएससी ने कहा कि परीक्षा लेने वाली संस्था की स्वच्छता और पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से तथा अभ्यर्थियों के हित को देखते हुए ही राज्य सरकार ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है।
आयोग का तर्क है कि परीक्षा में अनियमितता हुई है और इसमें शामिल अभ्यर्थियों को अलग करना बेहद मुश्किल काम है। बता दें कि इससे पहले गुरुवार को भी झारखंड हाईकोर्ट में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई पूरी हुई थी।