अंतिम तिथि 30 नवंबर: निजी आईटीआई को नहीं मिल रहे प्रवेशार्थी, दो लाख से अधिक सीटें खाली

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 16 Nov 2021 11:18 AM IST

सार

प्रदेश में 2,749 निजी आईटीआई हैं। इनमें 50 से अधिक ट्रेड में लगभग 3.74 लाख सीटें हैं। आईटीआई में नियमत: तीन चरणों तक काउंसिलिंग के लिए पहले पंजीकरण कराना होता है।
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iti - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

निजी आईटीआई को भरने के लिए अब प्रवेशार्थी नहीं मिल रहे हैं। ऑन द स्पाट प्रवेश की सुविधा होने के बावजूद यह स्थिति है। सरकारी व निजी आईटीआई दोनों में ही प्रवेश की अंतिम तिथि 30 नवंबर है। प्रदेश में 2,749 निजी आईटीआई हैं। इनमें 50 से अधिक ट्रेड में लगभग 3.74 लाख सीटें हैं। आईटीआई में नियमत: तीन चरणों तक काउंसिलिंग के लिए पहले पंजीकरण कराना होता है। बाद में संस्थान का आवंटन होता है। चौथे चरण में ऑन द स्पॉट प्रवेश की व्यवस्था की गई है।
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महानिदेशक प्रशिक्षण दिल्ली ने 07 नवंबर को निजी आईटीआई में तीसरी शिफ्ट शुरू करने और प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने की सभी राज्यों को अनुमति दे दी थी। इसके बाद बिना पंजीकरण ऑन द स्पॉट प्रवेश की व्यवस्था की गई है। लेकिन प्रचार-प्रसार न होने के कारण अभ्यर्थी आईटीआई में प्रशिक्षण लेने नहीं आ रहे हैं।


आईटीआई के अधिकारी बताते हैं कि ऑन द स्पॉट प्रवेश के समय अभ्यर्थी को एससीवीटी पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है। इसके बाद उसका लॉगिन पासवर्ड प्रवेश लेने वाले आईटीआई को दिया जाता है। इससे आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके। प्राइवेट आईटीआई वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री डीके द्विवेदी का कहना है अभी तक कुल क्षमता की आधी लगभग 1.60 लाख सीटें भरी हैं। अंतिम तिथि बढ़ाने का आदेश देर से आने के कारण अभ्यर्थियों ने आईटीआई की जगह अन्य संस्थानों में प्रवेश ले लिया है। इसलिए कम संख्या में अभ्यर्थी आ रहे हैं। पिछले साल 80 प्रतिशत सीटें पर प्रवेश हुआ था।

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