एक ही केंद्र के 12 बच्चे टॉपर, रोका पॉलीटेक्निक रिजल्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा परिणाम में ग्रुप ‘ए’ के 22 टॉपरों की सूची में 12 संदिग्ध अभ्यर्थी मिले हैं। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने इनके परिणाम रोक दिए हैं। वैसे तो रैंक लिस्ट तैयार करने में 28 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं।
ये सभी एक ही केंद्र पर परीक्षा में बैठे थे। परिषद इसकी जांच करवाएगा। एक सप्ताह में रिपोर्ट आने की संभावना है। उधर, परिषद के सचिव एफआर खान ने यह बताने से इन्कार कर दिया कि अभ्यर्थी किस जिले के कौन से केंद्र पर परीक्षा दे रहे थे।
कहा, जांच के बाद इसका खुलासा होगा। फिलहाल इन अभ्यर्थियों को रैंक तो अलॉट कर दी गई, लेकिन रिजल्ट रोका गया है। पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा में संदिग्ध पाए गए सभी 28 अभ्यर्थियों ने एक ही केंद्र पर परीक्षा दी धी।
साजिश के तहत कराया गया उत्तीर्ण
इनमें से 12 अभ्यर्थियों का नाम टॉप-22 की लिस्ट में शामिल है। इन्हें तीसरी, पांचवीं, सातवीं से 12वीं, 15वीं, 16वीं, 19वीं और 21वीं रैंक मिली है। यह सभी ग्रुप- ए के अभ्यर्थी हैं। इस ग्रुप में 33 इंजीनियरिंग कोर्स शामिल हैं, जिनके लिए सर्वाधिक मारामारी होती है।
कुल 4,43,769 सफल अभ्यर्थियों में 3,79,604 केवल इसी ग्रुप के हैं। सूत्रों की मानें तो एक ही केंद्र पर पंजीकृत होने के अलावा परिषद को कॉपियों के राइटिंग स्टाइल व अन्य चीजों से ऐसा संदेह हुआ है कि इन अभ्यर्थियों को साजिश के तहत उत्तीर्ण कराया गया है।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एफआर खान का कहना है प्रथम दृष्टया संदिग्ध लगने पर 28 अभ्यर्थियों का रिजल्ट रोका गया है। इन्हें पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
अगर आरोप सिद्ध हुए तो केंद्र को ब्लैक लिस्ट करने, कॉलेज की मान्यता खत्म करने के साथ ही केंद्र व्यवस्थापक पर एफआईआर तक की कार्रवाई की जा सकती है।