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यूपी बोर्ड: मेरिट के आधार पर बनाए जाएंगे परीक्षा केंद्र, विवाद वाले विद्यालय नहीं बनेंगे सेंटर

Sat, 28 Nov 2020 02:33 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 28 Nov 2020 02:33 PM IST
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UP board: examination centers will be made on the basis of merit
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए मेरिट के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इसमें सबसे राजकीय कॉलेज, फिर सहायता प्राप्त और अंत में वित्तविहीन विद्यालयों का चयन होगा। वेबसाइट पर जितनी भी सूचनाएं मांगी गई हैं, उनको लेकर विद्यालयों को अंक दिए जाएंगे।
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ज्यादा अंक वाले विद्यालय मेरिट में सबसे ऊपर होंगे। केंद्र बनाने की प्रक्रिया में सूचनाएं देने में आनाकानी करने या वेबसाइट पर गलत सूचना वेबसाइट अपलोड करने वाले प्रधानाचार्यों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वेबसाइट पर सभी स्कूल सही सूचनाएं अपलोड करें, इसकी जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक पर है।
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कोरोना के चलते इस बार परीक्षा केंद्र बनाने में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।  परीक्षा के दौरान सीटिंग प्लान व सभी संसाधन उपलब्ध रहें, इसके लिए स्कूलों को सही सूचनाएं परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा गया है।
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आवासीय विद्यालयों को नहीं बनाया जाएगा परीक्षा केंद्र

जिन विद्यालयों में प्रबंधन और प्रधानाचार्य को लेकर विवाद है, उन्हें परीक्षा केंद्र न बनाने के निर्देश हैं। यदि इन विद्यालयों में शिक्षा विभाग ने कंट्रोलर की तैनाती की है तो अधिग्रहण करने की स्थिति में उसे परीक्षा केंद्र बनाया जा सकता है।

इसी तरह आवासीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। जिन विद्यालयों में प्रबंधन व शिक्षकों के आवास हैं और वहां छात्रों के हॉस्टल हैं, वह किसी भी हाल में परीक्षा केंद्र की सूची में नहीं होंगे। परीक्षा केंद्रों में वॉइस रिकॉर्डिंग युक्त सीसीटीवी कैमरा, ब्रॉडकास्टिंग के लिए राउटर और एक महीने की रिकॉर्डिंग वाले डीवीआर अनिवार्य हैं।

परीक्षा केंद्रों में खिड़कियां होना जरूरी है। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि परिषद की वेबसाइट पर सूचना अपलोड करने के बाद सत्यापन में यदि सूचना गलत मिली तो प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी स्कूलों को सूचना देना अनिवार्य है।

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