{"_id":"5a0c22394f1c1b86698bba2c","slug":"technical-teachers-will-make-app-for-basic-education-department","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी में सरकारी टीचर्स बनाएंगे मोबाइल एप, सिखाएंगे टीचिंग के नए ट्रेंड","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
यूपी में सरकारी टीचर्स बनाएंगे मोबाइल एप, सिखाएंगे टीचिंग के नए ट्रेंड
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 15 Nov 2017 04:48 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तकनीकी शिक्षा में डिग्री धारक सरकारी विद्यालयों के शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के लिए मोबाइल ऐप तैयार करेंगे। इस पर शिक्षकों के लिए शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। पढ़ाने के तरीके सीखने के अलावा शिक्षक अपनी समस्याओं को भी ऐप के माध्यम से रख सकेंगे।
विभाग की मंशा सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाना है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने मोबाइल ऐप तैयार करने के लिए 25 शिक्षकों की एक टीम तैयार की है।
ये वो शिक्षक हैं जो बीटेक व एमसीए की पढ़ाई करने के बाद बीटीसी और बीएड कर सरकारी विद्यालयों में शिक्षक पद पर तैनात हैं। मोबाइल ऐप तैयार करने के लिए एससीईआरटी ने इन शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का काम भी शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण 90 दिन का होगा। एससीईआरटी में इसी महीने बंगलुरू से आए विशेषज्ञ शिक्षकों को 30 घंटे का प्रशिक्षण दे चुके हैं। सर्व शिक्षा अभियान के संयुक्त निदेशक जय कुमार सिंह ने बताया कि ऐप के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विषय के तहत मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मोबाइल ऐप डाउनलोड कर शिक्षण सामग्रियों को डाउनलोड कर सकते हैं। इससे पहले एससीईआरटी ई बुक्स व ई पोथी तैयार कर चुका है। यही नहीं समय-समय पर पढ़ाने के तरीकों में होने वाले बदलावों को भी वे ऐप के माध्यम से सीख सकेंगे।
इसके अलावा यदि किसी शिक्षक की शिकायत, समस्या व सुझाव हों तो भी ऐप के माध्यम से विभाग को दे सकता है। ऐप तैयार करने के लिए कई शिक्षकों के सुझाव मांगे गए थे। उनकी मांग के अनुसार ही इसे तैयार किया जाएगा।
कई अन्य एप तैयार करने की योजना
संयुक्त निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि इसके अलावा अन्य ऐप भी तैयार करने की योजना है। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की सुचारू रूप से मॉनीटरिंग के लिए भी एक ऐप तैयार किया जाएगा।
इसके अलावा स्कूल के लिए होने वाली तमाम गतिविधियां, शैक्षिक कैलेंडर, नोटिस व आदेश के लिए भी एक ऐप तैयार होगा। खंड शिक्षा अधिकारियों के लिए भी एक ऐप तैयार करने की योजना है। विद्यालयों में शिक्षक कैसे पढ़ा रहे हैं, विद्यालय संचालित करने में लापरवाही तो नहीं बरती जा रही है, ऐेसे तमाम पहलुओं की मॉनीटरिंग के लिए भी ऐप तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन
विभाग की मंशा सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाना है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने मोबाइल ऐप तैयार करने के लिए 25 शिक्षकों की एक टीम तैयार की है।
विज्ञापन
ये वो शिक्षक हैं जो बीटेक व एमसीए की पढ़ाई करने के बाद बीटीसी और बीएड कर सरकारी विद्यालयों में शिक्षक पद पर तैनात हैं। मोबाइल ऐप तैयार करने के लिए एससीईआरटी ने इन शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का काम भी शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण 90 दिन का होगा। एससीईआरटी में इसी महीने बंगलुरू से आए विशेषज्ञ शिक्षकों को 30 घंटे का प्रशिक्षण दे चुके हैं। सर्व शिक्षा अभियान के संयुक्त निदेशक जय कुमार सिंह ने बताया कि ऐप के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विषय के तहत मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मोबाइल ऐप डाउनलोड कर शिक्षण सामग्रियों को डाउनलोड कर सकते हैं। इससे पहले एससीईआरटी ई बुक्स व ई पोथी तैयार कर चुका है। यही नहीं समय-समय पर पढ़ाने के तरीकों में होने वाले बदलावों को भी वे ऐप के माध्यम से सीख सकेंगे।
इसके अलावा यदि किसी शिक्षक की शिकायत, समस्या व सुझाव हों तो भी ऐप के माध्यम से विभाग को दे सकता है। ऐप तैयार करने के लिए कई शिक्षकों के सुझाव मांगे गए थे। उनकी मांग के अनुसार ही इसे तैयार किया जाएगा।
कई अन्य एप तैयार करने की योजना
संयुक्त निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि इसके अलावा अन्य ऐप भी तैयार करने की योजना है। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की सुचारू रूप से मॉनीटरिंग के लिए भी एक ऐप तैयार किया जाएगा।
इसके अलावा स्कूल के लिए होने वाली तमाम गतिविधियां, शैक्षिक कैलेंडर, नोटिस व आदेश के लिए भी एक ऐप तैयार होगा। खंड शिक्षा अधिकारियों के लिए भी एक ऐप तैयार करने की योजना है। विद्यालयों में शिक्षक कैसे पढ़ा रहे हैं, विद्यालय संचालित करने में लापरवाही तो नहीं बरती जा रही है, ऐेसे तमाम पहलुओं की मॉनीटरिंग के लिए भी ऐप तैयार किया जाएगा।