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शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द पर थोड़ी राहत, टीईटी पास बने रहेंगे शिक्षक

Wed, 26 Jul 2017 03:47 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 26 Jul 2017 03:47 PM IST
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supreme court decision on shikshamitra case
court

अच्छी शिक्षा के लिए योग्य शिक्षकों की नितांत आवश्यकता बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बतौर सहायक शिक्षक शिक्षामित्रों के  समायोजन को निरस्त करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है।

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हालांकि शीर्ष अदालत ने शिक्षामित्रों को राहत देते हुए कहा कि अगर ये शिक्षामित्र टीईटी (सहायक शिक्षक के लिए जरूरी अर्हता) पास हैं या भविष्य में पास कर लेते हैं तो सहायक शिक्षकों के लिए होने वाली दो नियुक्ति प्रक्रिया में उन पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि राज्य सरकार चाहे तो समायोजन के पूर्व की स्थिति में शिक्षामित्रों की सेवा जारी रख सकती है।
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न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश को तो सही ठहराया लेकिन कहा कि सहायक शिक्षकों के तौर पर समायोजित किए गए शिक्षामित्रों को रियायत मिलनी चाहिए।
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पीठ ने अपने फैसले में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक शिक्षकों की होने वाली दो लगातार नियुक्ति प्रक्रियाओं में टीईटी पास शिक्षामित्रों पर विचार किया चाहिए। संबंधित अथॉरिटी चाहे तो इसमें शिक्षामित्रों को आयुसीमा में छूट दे सकती है और उनके तजुर्बे को वेटेज दे सकती है।

1.78 शिक्षामित्रों पर होना था फैसला

supreme court decision on shikshamitra case

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को उत्तर प्रदेश के 1.78 लाख शिक्षामित्रों पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 सिंतबर 2015 को इन शिक्षामित्रों का सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजन रद्द कर दिया था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

टीईटी पास नियुक्त हुए 66,655 शिक्षक बने रहेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालती निर्देश के तहत टीईटी पास नियुक्त हुए 66,655 शिक्षक अपने पद पर बने रहेंगे। शीर्ष अदालत ने इन नियुक्तियों में दखल देने से इनकार किया है।

अदालत ने कहा कि बाकी रिक्तियां भरने के लिए राज्य सरकार कानून के तहत नियुक्तियों का विज्ञापन निकाल सकती है। इन सभी की नियुक्ति टीईटी के अंक के आधार पर हुई थी।

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