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पुनर्वास यूनिवर्सिटीः छात्रों को देगा सहूलियत, अब नहीं भरना होगा परीक्षा फॉर्म, मूल्यांकन भी डिजिटल

Wed, 05 Feb 2020 04:36 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 05 Feb 2020 04:36 PM IST
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students will not fill the examination form from the new semester in punarvas university
एक साल की उपलब्धियों की जानकारी देते कुलपति प्रो.राणा कृष्ण पाल सिंह - फोटो : अमर उजाला
डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को नए सत्र 2020-21 से परीक्षा फॉर्म नहीं भरने होंगे। अपनी सेवाओं-सुविधाओं को ऑनलाइन करने में जुटा विवि प्रवेश के समय आने वाले डेटा का ही परीक्षा तक प्रयोग करेगा। इसके साथ ही बीटेक व विज्ञान विषयों से डिजिटल मूल्यांकन की शुरूआत भी विवि नए सत्र से करेगा।
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यह जानकारी कुलपति प्रो. राणा कृष्णपाल सिंह ने अपने कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने कहा कि यहां ज्यादातर दिव्यांग छात्रों को बार-बार फॉर्म भरने में दिक्कत होती है। इसे देखते हुए उक्त निर्णय लिया गया है। विवि फीस पोर्टल भी शुरू करेगा। ताकि विद्यार्थी कहीं से भी ऑनलाइन फीस जमा कर सकें।
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इसके लिए उन्हें विवि के चक्कर न काटने पड़ें। परीक्षा संबंधी समस्याओं व आवेदन के लिए भी एक हेल्प डेस्क बनेगी। एक ग्रिवांस सेल भी बनाएंगे ताकि छात्र कोई भी शिकायत ऑनलाइन कर सकें और उनका त्वरित समाधान हो। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को रोजगार दिलाने के लिए प्लेसमेंट सेल की स्थापना की गई है।
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एकेटीयू-केजीएमयू से करेंगे एमओयू

प्रो. सिंह ने कहा कि विवि नए सत्र के प्रवेश के साथ ही शोध प्रवेश की भी प्रक्रिया आयोजित करेगा। शोध को बढ़ावा देने के लिए कुछ पोस्ट डॉक्टोरल फेलो भी तीन साल के लिए तैनात करेंगे। उन्हें यूजीसी-सीएसआईआर के नियमों के तहत वेतन देंगे। शिक्षकों को विभिन्न प्रोजेक्ट आदि के लिए ट्रेंड करने को कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा। दिव्यांगों की सुविधा के लिए एक दर्जन से अधिक अस्थायी साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर रखे गए हैं। रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह, वित्त अधिकारी आबिद अली अंसारी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमित कुमार राय, पीआरओ प्रो. अश्वनी कुमार दुबे उपस्थित थे।

कुलपति ने कहा कि हमारा फोकस दिव्यांगों के लिए बेहतर सुविधा देने और उनके लिए नए अविष्कार करने पर है। हम जल्द ही एकेटीयू व केजीएमयू के साथ एमओयू करेंगे। राज्यपाल की पहल पर विवि ने टीबी प्रभावित बच्चों को गोद लिया है। इस दिशा में केजीएमयू के साथ मिलकर आगे भी काम करेंगे और गांवों में भी जाएंगे।

डेफ कॉलेज भी शुरू होगा
रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह ने बताया कि ब्रेल प्रेस के टेंडर की औपचारिकता पूरी कर ई-टेंडर जारी कर दिया गया है। नए सत्र में यह शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि डेफ कॉलेज की बाधाएं भी दूर हो गई हैं। जुलाई से शुरू होने वाले नए सत्र में इसे भी शुरू करके प्रवेश लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विवि ने अपने यहां पुरानी पेंशन योजना को प्रभावी कराया व प्रो. प्रेम मोहन को सेवानिवृत्त होने के बाद इसका लाभ दिलाया। इस योजना का लाभ देने वाला 2008 के बाद स्थापित राजधानी का यह पहला विश्वविद्यालय है।

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