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यूथ्स के लिए खुशखबरी, एकेटीयू जल्द खोलेगा स्टार्टअप सेंटर

Wed, 12 Apr 2017 02:44 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Wed, 12 Apr 2017 02:44 PM IST
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startup centre to be start in aktu lucknow and noida campus
डेमो - फोटो : demo pic
युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित करने के लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) अपने लखनऊ और नोएडा परिसर में स्टार्टअप सेंटर खोलेगा।
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इसके लिए 50-50 लाख रुपये की राशि का आवंटन कर दिया गया है। आगे आवश्यकतानुसार इस मद में और राशि का प्रयोग भी किया जा सकेगा। यह निर्णय सोमवार को विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बैठक में लिया गया।
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कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि स्टार्टअप सेंटर्स के अंतर्गत इनोवेशन और इंक्यूबेशन सेंटर्स भी स्थापित किए जाएंगे। साथ ही इनोवेशन और इंक्यूबेशन सेंटर्स की कार्य प्रणाली को गति देने के लिए एक्सीलेटर सेंटर्स की भी संरचना तैयार की जाएगी।
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तकनीकी शिक्षा की क्षेत्र में स्किल्स डवलपमेंट के लिए सर्टीफिकेशन और डिप्लोमा कोर्स शुरू करने पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी। इसका फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए कुलपति प्रो. पाठक के समन्वयन में एक समिति का गठन किया गया।

 

‘मास्टर्स इन इंजीनियरिंग एजुकेशन’ के प्रस्ताव पर चर्चा

startup centre to be start in aktu lucknow and noida campus
एकेटीयू में कार्यपर‌िषद की बैठक - फोटो : amar ujala
साथ ही तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापरक टीचर्स की उपलब्धता के लिए ‘मास्टर्स इन इंजीनियरिंग एजुकेशन’ के भी प्रस्ताव पर चर्चा की गई, जो पीएचडी का विकल्प बन सकती है। विश्वविद्यालय इसके लिए भी पहल करेगा।

कार्य परिषद ने उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा (यूपीएसईई) के पैसे का उपयोग विश्वविद्यालय के घटक, संबद्ध, सरकारी सहायता प्राप्त, एसोसिएटेड कॉलेजों के विकास के लिए भी करने को हरी झंडी दी।

विश्वविद्यालय इस पैसे का प्रयोग नए संस्थान खोलने के लिए भी करेगा। विवि ने अपने घटक संस्थान आईईटी के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सेवा शर्तों में विकल्प चुनने का अवसर देने का प्रस्ताव भी पास किया।

बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वीके सिंह, कुलसचिव पवन कुमार गंगवार, वित्त अधिकारी भानु प्रकाश, आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक प्रो. एसजी धांडे, आईआईटी रुड़की के निदेशक एके चतुर्वेदी, एआईसीटीई के प्रतिनिधि के रूप में बीआईटी झांसी के पूर्व निदेशक प्रो. एसके अवस्थी आदि सदस्य उपस्थित थे।
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