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शिक्षामित्रों ने TET परीक्षा को बताया धोखा, एक महीने में ही प्रक्रिया पूरी करने पर उठाए सवाल

Wed, 18 Oct 2017 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 18 Oct 2017 12:03 AM IST
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shikshamitra say TET exam was betrayal.
डेमो प‌िक - फोटो : amar ujala

शिक्षा मित्रों के संगठनों ने रविवार को आयोजित हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को शिक्षा मित्रों के साथ धोखा करार दिया है। उनका आरोप है कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

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रविवार को आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने कहा कि सरकार ने बहुत जल्दबाजी में टीईटी का कार्यक्रम घोषित किया और एक माह के अंदर ही आवेदन आदि की प्रक्रिया पूर्ण कर परीक्षा करा दी।
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जबकि, इसके पूर्व प्रत्येक जिले में विकास खंड स्तर पर शिक्षा मित्रों के लिए टीईटी की तैयारी के लिए विशेष कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए थे।

उन्होंने सरकार से टीईटी को केवल पात्रता मानते हुए लिखित परीक्षा न कराकर शैक्षिक गुणांक में भारांक देकर जल्द सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की। इस मौके पर उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव भी मौजूद रहे।

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बाल मनोविज्ञान के प्रश्न समझने में चूके टीईटी अभ्यर्थी

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वहीं, लखनऊ में टीईटी के अभ्यर्थी बाल मनोविज्ञान के प्रश्नों में उलझ कर रह गए। कई ऐसे सिद्धांत थे जिनकी उन्हें कोई जानकारी ही नहीं थी। वहीं जिन छात्रों ने इंटर में गणित नहीं पढ़ी थी उन्हें इसके सवालों ने काफी परेशान किया। उधर, दूसरी पाली में आर्ट और कॉमर्स के अभ्यर्थियों को सामाजिक विज्ञान के प्रश्नों को हल करने में काफी समय लग गया।

पहली पाली में कक्षा एक से पांच तक के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अयोजित की गई थी। इसमें शिक्षामित्र और बीटीसी अभ्यर्थी परीक्षा देने बैठे। इन अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा बाल मनोविज्ञान के प्रश्नों ने तंग किया। 30 अंकों के प्रश्न पूछे गए थे।

अभ्यर्थियों ने बताया कि सिद्धांतों से संबंधित ज्यादा प्रश्न पूछे गए थे, जिनके बारे में उनको जानकारी नहीं थी। इसके अलावा प्रश्न काफी घुमा कर पूछे गए थे। जिनके विकल्प एक जैसे लग रहे थे। इन प्रश्नों को समझने में काफी समय लगा। इसके अलावा गणित के सवालों ने भी अभ्यर्थियों को काफी परेशान किया।

अभ्यर्थियों ने बताया कि जिनका विषय गणित था उन्हें भी कई सवालों को हल करने में मुश्किल हुई। ज्यामिती के सवाल काफी कठिन लगे। हालांकि पर्यावरण से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों को काफी हद तक राहत दी।

दूसरे की जगह परीक्षा देती पकड़ी गई बीएससी छात्रा, केस दर्ज

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टीईटी परीक्षा के लिए एकत्र हुए अभ्यर्थी। - फोटो : amar ujala

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, सिंगार नगर में रविवार को एक बीएससी छात्रा को दूसरे अभ्यर्थी की जगह शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देते पकड़ा गया। सुबह की पाली में फोटो मिलान करते समय हुए खुलासे के बाद केंद्र व्यवस्थापक ने छात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही मूल अभ्यर्थी के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है। वहीं, दूसरे परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी उत्तर पुस्तिका की दो कार्बन कॉपी लेकर भाग गया।

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सिंगार नगर की प्रधानाचार्या क्षमता रावत ने बताया कि सुबह 10 बजे से 12:30 बजे की पाली में कक्षा एक से पांच तक के लिए अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे थे। कक्ष निरीक्षक को फोटो मिलान के समय एक युवती पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि संतकबीर नगर निवासी पूनम सिंह की जगह पर अर्पिता पांडेय नाम की युवती परीक्षा दे रही थी। अर्पिता ने शुरू में अपना नाम पूनम सिंह बताया।

वह पूनम का एडमिट कार्ड, आईडी प्रूफ के रूप में पैन कार्ड और बीटीसी का प्रमाण पत्र लेकर परीक्षा में बैठी थी। उस समय तो उसे परीक्षा कक्ष में बैठने दिया गया पर दोबारा चेकिंग में उपलब्ध प्रमाणपत्रों और प्रवेश पत्र में चेहरे को गौर से देखा गया। आरोपी अर्पिता की उम्र भी काफी कम लग रही थी, इससे उसपर शक और गहरा गया।

करीब एक घंटे की पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पूनम सिंह नहीं, बल्कि बीएससी की छात्रा अर्पिता पांडेय है। वह अपने भाई के साथ आई थी। भाई के पास मौजूद आईडी से उसके असली नाम पता चला। क्षमता रावत ने बताया कि उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर पुलिस को सौंप दिया गया है।

रायबरेली में 1383 अभ्यर्थियों ने छोड़ी टीईटी परीक्षा

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रायबरेली जिले में रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच टीईटी परीक्षा कराई गई। 1383 अभ्यर्थियोें ने टीईटी परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया। तलाशी लेने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों को अंदर जाने दिया गया। डीएम संजय कुमार खत्री और एसपी शिवहरि मीणा ने परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। टीईटी परीक्षा को लेकर रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर पुलिस तैनात की गई थी।

टीईटी परीक्षा को लेकर यहां पर 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। पहली पाली में हुई उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा में 6555 अभ्यर्थियों को भाग लेना था। इसमें से 5907 अभ्यर्थी ही परीक्षा में बैठे। 640 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया। दूसरी पाली में हुई प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा में 4750 अभ्यर्थियों को भाग लेना था, जिसमें से 4007 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। 743 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। दोनों पॉलियों में मिलाकर 1383 अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर गैरहाजिर मिले।

 परीक्षा केंद्रों राजकीय इंटर कॉलेज, फिरोज गांधी कॉलेज में अभ्यर्थियों की तलाशी लेने के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर इंट्री मिली। डीएम व एसपी ने परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। रेलवे स्टेशन पर एसओ जगतपुर लक्ष्मीकांत मिश्रा, एसओ भदोखर ओम प्रकाश सिंह को तैनात किया गया था। सीओ सदर शेषमणि उपाध्याय ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी। बस स्टेशन पर भी पुलिस तैनात की गई थी, ताकि अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी न होने पाए।

टीईटी में शामिल हुए सवा आठ लाख अभ्यर्थी

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यूपी भर में रविवार को दो पालियों में हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में करीब सवा आठ लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। इसके लिए प्रदेश भर में डेढ़ हजार से अधिक सेंटर बनाए गए थे। लखनऊ, अमरोहा, औरैया, बागपत, इलाहाबाद, भदोही, सहारनपुर, गौतमबुद्धनगर व आजमगढ़ के कई परीक्षा केंद्रों पर विभिन्न कारणों से कई अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की गई।

प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों के लिए 570 और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 1064 सेंट बनाए गए थे। प्राथमिक स्तर के लिए 3,49,192 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र दिए गए थे। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 6,27,568 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र दिए गए थे। इनमें से 86 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

औरैया व अमरोहा में अभ्यर्थी ओएमआर की दोनों कार्बन कापी साथ ले गए। बागपत में जनता इंटर कॉलेज व जनता वैदिक इंटर कॉलेज में तीन अभ्यर्थी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़े गए। इलाहाबाद में भी तीन अलग-अलग केंद्रों पर तीन अभ्यर्थी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़े गए। भदोही के काशी नरेश महाविद्यालय, ज्ञानपुर में महिला अभ्यर्थी इलेक्ट्रानिक डिवाइस के साथ पकड़ी गई।

नोएडा में एक अभ्यर्थी मोबाइल के साथ पकड़ा गया, जबकि सहारनपुर के इंडस्ट्रियल मुस्लिम गर्ल्स इंटर कॉलेज में एसटीएफ ने एक युवक को दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा। लखनऊ में एक अभ्यर्थी ओमआर शीट की दोनों कापी लेकर चला गया। जबकि राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, शृंगारनगर में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते एक लड़की को पकड़ा गया। आजमगढ़ में एसडीएम ने एक अभ्यर्थी को नकल करते हुए पकड़ा।

4654 अभ्यर्थियों ने छोड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षा

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अंबेडकरनगर जिले में अव्यवस्थाओं के बीच रविवार को जनपद के 29 परीक्षा केंद्रों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संपन्न हुई। 19 हजार 437 अभ्यर्थियों में 4654 परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परीक्षा के दौरान डीएम अखिलेश सिंह व एसपी सुधीर सिंह ने केंद्रों का जायजा लिया। नकल रोकने के लिए गठित सचल दलों ने भी परीक्षा केंद्रों की पड़ताल की।

टीईटी को सकुशल संपन्न के लिए कई दिन से तैयारियां चल रही थीं। इसके बावजूद रविवार को ग्रामीण क्षेत्रों के कई केंद्रों पर अव्यवस्थाएं दिखीं। कहीं प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं थी, तो कहीं शौचालय की। संबंधित केंद्र के अभ्यर्थियों की नाराजगी के बाद व्यवस्थाएं की गईं। 19 हजार 437 अभ्यर्थियों के लिए जनपद में 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

प्रथम पाली में नौ केंद्रों पर प्राथमिक स्तर के 6 हजार 488 अभ्यर्थियों में 1694 परीक्षा में शामिल नहीं हुए। प्रथम पाली में 4 हजार 794 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। द्वितीय पाली में जूनियर स्तर के लिए 20 केंद्रों पर 12 हजार 949 अभ्यर्थियों में 2960 ने परीक्षा से दूरी बनाए रखी। द्वितीय पाली में 9 हजार 989 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

नकल विहीन एवं शांतिपूर्वक परीक्षा कराने के लिए डीएम अखिलेश सिंह व एसपी सुधीर सिंह ने कौमी एकता इंटर कॉलेज टांडा, जयराम बापू स्मारक इंटर कॉलेज नाउसांडा, बीएनकेबी पीजी कॉलेज अकबरपुर समेत कई केंद्रों का जायजा लिया। डीडीओ, बीएसए, श्रम रोजगार उपायुक्त, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, विकलांग कल्याण अधिकारी, परियोजना निदेशक आदि के नेतृत्व में गठित सात सचल दलों ने भ्रमण कर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। डीआईओएस विनोद सिंह ने बताया कि परीक्षा के दौरान कहीं से किसी गड़बड़ी की सूचना नहीं है। परीक्षा में 4654 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। 14 हजार 783 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।

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