आईटीआई अलीगंज में काउंसलिंग के दौरान हंगामा, पथराव
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राजकीय आईटीआई अलीगंज में शनिवार को काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा। अभ्यर्थियों ने न सिर्फ कर्मचारियों के साथ हाथापाई की बल्कि आईटीआई परिसर के खिड़की दरवाजे भी तोड़ दिए।
दहशत में आए कर्मचारियों ने खुद को आईटीआई के अंदर कैद कर लिया। गुस्साए अभ्यर्थियों ने बाहर से ईंट पत्थर चलाकर काफी हंगामा काटा। कर्मचारियों ने 100 नंबर पर इसकी सूचना देकर पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। इसके बाद पुलिस की निगरानी में काउंसलिंग हुई।
राजकीय आईटीआई अलीगंज में शनिवार को चौथे और अंतिम चरण की काउंसलिंग हो रही थी। दोपहर लगभग एक बजे कुछ अभ्यर्थी रिश्वत लेकर एडमिशन करने का आरोप लगाने लगे। इसको लेकर कर्मचारियों और एक अभ्यर्थी में कहासुनी हो गई। इसी बीच किसी कर्मचारी ने अभ्यर्थी को थप्पड़ मार दिया।
इसके बाद अन्य अभ्यर्थियों का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वे हंगामा करने लगे। आक्रोशित अभ्यर्थियों को देखकर कर्मचारियों ने खुद को परिसर के अंदर बंद कर लिया। इससे झल्लाए अभ्यर्थियों ने ईंट पत्थर चलाकर आईआईटी परिसर की खिड़की, दरवाजे आदि तोड़ दिए।
पुलिस के आने पर ही शुरू हो सकी काउंसलिंग
घटना के थोड़ी देर बाद ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस के आने के बाद हंगामा कर रहे अभ्यर्थी कुछ शांत हुए। इसके बाद दोबारा काउंसिलंग शुरू हुई। पुलिस ने मौके से राजाजीपुरम निवासी शशांक को शांति भंग में पकड़ा है।
काउंसलिंग का नियम बना मुसीबत
आईटीआई में दाखिले के लिए चौथे चरण की काउंसलिंग में एडमिशन का अधिकार जनपद की नोडल आईटीआई को दिया गया है।
राजधानी में आईटीआई अलीगंज में जनपद की पांचों आईटीआई की करीब एक हजार खाली सीटों पर दाखिले होने थे। चौथे चरण की काउंसलिंग के लिए पहले वाले आवेदन के साथ ही नए आवेदन भी मांगे गए थे। नियम यह तय किया गया कि दाखिले के लिए पहला अधिकार पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को ही दिया जाएगा।
इसके बाद सीटें खाली बचने पर नए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा। एडमिशन पहले की तरह मेरिट के आधार पर ही दिए जाने हैं।
कम मेरिट वालों को दाखिला दिए जाने पर भड़के अभ्यर्थी
शनिवार को काउंसलिंग के दौरान नए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने देखा कि उनसे कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों को दाखिला दिया जा रहा है। इस पर वे भड़क गए।
कर्मचारियों ने उन्हें नियमों का हवाला देते हुए सीट खाली बचने पर उन्हें भी मौका देने की बात कही। इस पर अभ्यर्थियों का कहना था कि उनसे आवेदन फॉर्म जमा करवा गया है इसलिए उन्हें मेरिट के आधार पर मौका मिलना चाहिए। हंगामे की एक बड़ी वजह यह भी थी।
इस पर राजकीय आईटीआई अलीगंज के प्रिंसिपल सत्यकांत कहते है कि काउंसलिंग के समय मैं कार्यालय में नहीं था लेकिन व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही काउंसलिंग हो रही थी। काउंसलिंग के दौरान कुछ अराजक तत्व आ गए थे उन्होंने हंगामा व तोड़फोड़ कर दी। पुलिस के आने के बाद वे भाग गए।