सामूहिक नकल के दोषी पाए गए इस कॉलेज पर गिरी गाज, दोबारा होगी परीक्षा
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सामूहिक नकल के आरोपों से घिरे कुंवर आसिफ अली संजू मियां डिग्री कॉलेज पर साढ़े चार माह बाद आखिरकार लखनऊ विश्वविद्यालय की गाज गिर ही गई।
कॉलेज में हुई बीए फर्स्ट ईयर की हिंदी के प्रथम प्रश्न की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। विवि के कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने बताया कि परीक्षा कॉलेज में न होकर विवि परिसर में होगी।
मालूम हो कि इस कॉलेज में तीन मार्च को बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में उड़ाका दल को सामूहिक नकल जैसा माहौल मिला था। कॉलेज में 700 से अधिक बीए व बीकॉम के छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र था।
वीसी के निर्देश पर दो सदस्यीय गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कॉलेज को दोषी पाया। जांच समिति के सदस्यों को हिंदी प्रथम वर्ष के पहले पेपर की उत्तर पुस्तिकाओं में उत्तर समान मिले।
कॉलेज पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
इनमें नंबर भी काफी अधिक आ रहे थे जिससे फ्लाईंग स्क्वाएड की बात सही साबित हुई। वहीं, विवि सूत्रों की मानें तो कॉलेज पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके शर्मा ने बताया कि एक पेपर दोबारा कराने का निर्णय तय है, बाकी जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर एक-दो दिन के अंदर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। संभव है कि भविष्य में कॉलेज को परीक्षा केंद्र न बनाया जाए।
इस कॉलेज में गड़बड़ी का यह पहला मामला नहीं है। 2014 की परीक्षाओं की दौरान एक वीडियो क्लिप सामने आई थी। 21 मार्च की क्लिप में कॉलेज की एक टीचर किताब से सवालों के जवाब बोलते हुए नजर आ रही थी।
उस दिन हिंदी सेकंड ईयर का पहला प्रश्नपत्र था। तब कक्षा में महादेवी वर्मा के रीति काव्य से संबंधित सवाल का जवाब बोला जा रहा था। हालांकि इस मामले में विवि की जांच में कॉलेज को क्लीन चिट मिली थी।