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पीएचडी स्कॉलर्स के लिए अच्छी खबर, इन्हें मिलेगी नेट से छूट

Thu, 31 Mar 2016 08:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 31 Mar 2016 08:31 PM IST
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phd scholar will get relief from NET
अब सीधे बन सकेंगे अस‌िस्टेंट प्रोफेसर - फोटो : अमर उजाला

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने वर्ष 2009 से पहले कानपुर यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वाले करीब पांच हजार रिसर्च स्कॉलर को राहत दी है। इन सभी को नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) की अनिवार्यता से छूट मिलेगी।

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अब ये यूनिवर्सिटी और डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति का आवेदन फार्म भी भर सकेंगे। अभी तक इस पर रोक थी। 

पीएचडी अध्यादेश में बदलाव का सर्कुलर 29 मार्च को राज्य और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भेजा गया है। इस छूट का फायदा यूपी के 15 हजार रिसर्च स्कॉलर को मिलेगा।
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छठवां वेतनमान लागू होने के बाद यूजीसी ने पीएचडी अध्यादेश 2010 में बदलाव करके 16 बिंदुओं का रिसर्च मानक बना दिया। इस पर खरा उतरने वाले रिसर्च स्कॉलर को ही नेट की अनिवार्यता से छूट मिलती है। 
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इस मानक से 2009 या इससे पहले पीएचडी करने वाले रिसर्च स्कॉलर को दूर रखा गया था। इस कारण यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वाले पांच हजार रिसर्च स्कॉलर की डिग्री अमान्य हो गई। 

इससे परेशान अभ्यर्थियों ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और यूजीसी चेयरमैन से मुलाकात की। इस पर मंत्रालय ने एक कमेटी गठित की और इसकी रिपोर्ट भी आ गई है। 

रिपोर्ट का अध्ययन करके ही यूजीसी ने नेट की अनिवार्यता से छूट देने का फैसला किया। इसकी औपचारिक सूचना मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजी जा चुकी है।

अब यह व्यवस्था
- पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में सामान्य और ओबीसी छात्रों के लिए 50 फीसदी, एससी, एसटी, हैंडीकैप्ड के लिए 45 फीसदी अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

- शोधार्थी हर छह महीने में रिसर्च की प्रगति रिपोर्ट देंगे।

- थीसिस जमा करने से 90 दिन पहले समरी देनी होगी ताकि मूल्यांकन के लिए एक्सपर्ट नामित किए जा सकें। 

- अब दोबारा वायवा कराया जा सकेगा। इसकी अनुमति कुलपति या परीक्षा समिति से मिलेगी लेकिन वायवा कमेटी की संस्तुति अनिवार्य होगी।  

इन्हें नहीं देना होगा एंट्रेंस टेस्ट

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म‌िलेगी इंट्रेंस से छूट - फोटो : demo pic

- आर्मी, एयरफोर्स, नेवी में 15 साल की सेवा पूरी करने वाले जवानों को भी पीएचडी के एंट्रेंस टेस्ट से बाहर रखा गया है। वह चाहें तो सीधे एडमिशन लेकर डिफेंस स्टडीज में रिसर्च कर सकते हैं।
- नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) पास करके जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) हासिल करने वाले, काउंसिल फॉर साइंटिफिक इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) क्वालीफाई करने वाले भी सीधे एडमिशन ले सकेंगे।
- प्रोबेशन पूरा करने वाले रेग्युलर टीचर भी एंट्रेंस टेस्ट से बाहर रखे गए।
- 75 फीसदी या उससे ज्यादा स्कोर के साथ ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) पास करने वाले भी सीधे एडमिशन के हकदार होंगे।

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