लखनऊ विश्वविद्यालय में जुलाई से शुरू होगी पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया
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लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी करने की राह देख रहे विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। विवि की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया इस बार जुलाई में शुरू होगी। शैक्षिक सत्र 2018-19 के दाखिले अभी-अभी समाप्त हुए हैं। ऐसे में इस पर संशय था कि विवि शैक्षिक सत्र 2019-20 में पीएचडी दाखिले के लिए सत्र शून्य न हो जाय। इस पर विराम लगाते हुए लविवि ने साफ कर दिया है कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया जुलाई में शुरू होगी।
यूजीसी का नया पीएचडी रेग्युलेशन आने के बाद लविवि ने अपने दाखिले इसी के माध्यम से करने का फैसला किया था। इसकी प्रक्रिया और नियम तय होने में दो साल का समय लग गया। इस वजह से दो शैक्षिक सत्र में सिर्फ एक ही बार पीएचडी प्रवेश हुए।
यह प्रवेश प्रक्रिया भी शैक्षिक सत्र 2018-19 के आखिर में जाकर पूरी हो पाई। पीएचडी की सीटें शिक्षकों के अधीन उपलब्ध सीटों के हिसाब से ही तय होती हैं। ऐसे में आशंका थी कि कहीं ऐसा न हो कि लविवि शैक्षिक सत्र 2019-20 में पीएचडी दाखिले ही न करे। प्रवेश समन्वयक ने साफ किया है पीएचडी सत्र शून्य नहीं होगा और दाखिले किए जाएंगे।
प्रमोशन होने के बाद बढ़ेंगी सीटें
पीएचडी के दाखिले शिक्षक के पास उपलब्ध सीटों के आधार पर तय होते हैं। इसके अनुसार एक प्रोफेसर एक समय में आठ, एसोसिएट प्रोफेसर छह तथा असिस्टेंट प्रोफेसर एक समय में सिर्फ चार शोधार्थियों को पीएचडी करा सकता है।
लविवि में अभी पिछले महीने ही करीब 20 शिक्षकों का प्रमोशन हुआ है। इस तरह से 40 सीटें तो केवल प्रमोशन की वजह से ही बढ़ गई हैं। इसके अलावा पिछले कुछ महीनों में पीएचडी अवार्ड भी हुई हैं। इसलिए पीएचडी की और सीटें भी उपलब्ध होंगी। इसलिए लविवि ने जुलाई में पीएचडी प्रवेश करने का फैसला किया है।
शून्य नहीं होगा सत्र
लविवि में प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा ने कहा, लविवि में पीएचडी का सत्र शून्य नहीं किया जाएगा। परास्नातक की प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होने के बाद जुलाई से इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस तरह से दाखिले के लिए और सीट खाली हो जाएंगी।