पीएचडी स्टूडेंट्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी, पढ़ें खबर...
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) जनवरी सत्र से पीएचडी कराएगा। सात साल से यहां पीएचडी कराने पर लगी रोक को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के हस्तक्षेप पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने हटा लिया है।
शुक्रवार को इग्नू के उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशकों की बैठक का उद्घाटन करने लखनऊ पहुंचे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवींद्र कुमार ने बताया कि गत 24 अगस्त को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि इग्नू फिर से पीएचडी व एमफिल कोर्स शुरू कर सकता है।
पीएचडी के आवेदन जनवरी सत्र से लिए जाएंगे। फिलहाल विश्वविद्यालय 44 विषयों में पीएचडी कराएगा। अभ्यर्थी को विश्वविद्यालय के शिक्षकों में से ही गाइड नियुक्त किए जाएंगे।
अन्य संस्थान का शिक्षक भी बन सकता है गाइड
यदि छात्र किसी इंटरडिसिप्लिनेरी विषय में शोध करना चाहता है और उसका शिक्षक विवि में नहीं है तो इसके लिए अन्य संस्थान का शिक्षक भी गाइड बन सकता है।
इसके लिए विवि की रिसर्च काउंसिल में गाइड की योग्यता का प्रमाण पत्र जमा किया जाएगा। इसमें दाखिले के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा होगी, जिसमें क्वालिफाई करने पर साक्षात्कार देना होगा।
प्रत्येक छह माह पर इग्नू की रिसर्च काउंसिल यह भी देखेगी कि शोधार्थी ने कितना काम किया। यदि काम संतोषजनक न हुआ तो शोधार्थी व गाइड को चेतावनी दी जाएगी।