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जयपुरिया स्कूल में फीस वृद्धि पर भड़के अभिभावकों का हंगामा

Wed, 06 Apr 2016 11:36 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Wed, 06 Apr 2016 11:36 AM IST
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parents protest against fees hike
फीस वृद्धि पर भड़के अभिभावक - फोटो : amar ujala

निजी स्कूलों में महंगी किताब-कॉपियों और यूनिफॉर्म के साथ स्कूल फीस में बढ़ोतरी ने अभिभावकों की कमर तोड़ दी है। शहर के ज्यादातर स्कूलों में लगभग यही हालात हैं। गोमतीनगर स्थित सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल में नए शैक्षिक सत्र में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी से गुस्साए अभिभावकों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। 

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अभिभावकों ने बढ़ी फीस के विरोध में स्कूल पर जमकर हंगामा व प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने इस साल अचानक 20 से 50 फीसदी तक फीस बढ़ा दी है। दो या अधिक भाई-बहनों के पढ़ने पर मिलने वाली 50 फीसदी छूट भी समाप्त कर दी है, जिससे कई अभिभावकों को पिछले साल के मुकाबले इस बार दोगुना फीस भरनी पड़ी है।
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वहीं, दूसरी ओर स्कूल प्रशासन ने स्कूल को वातानुकूलित करने की वजह से फीस वृद्धि की बात स्वीकारी है। हालांकि, प्रिंसिपल केवल 21 फीसदी बढ़ोत्तरी की बात कह रही हैं।
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हाथों में फीस बढ़ोतरी वापस लेने की तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने बताया कि इस साल स्कूल प्रशासन ने 50 फीसदी तक फीस बढ़ा दी है। दो बच्चों के पढ़ने पर एक की ट्यूशन फीस में मिलने वाली 50 फीसदी की छूट इस साल समाप्त हो गई है। 

इतना ही नहीं स्कूल प्रशासन ने लेट फीस 500 से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दी है। हालत यह है कि बीते पांच साल में फीस दोगुनी होने से अभिभावकों की जेब पर भार बढ़ गया है। सत्र शुरू हो चुका है इसलिए वे अपने बच्चे का दाखिला भी दूसरी जगह नहीं करा सकते।

बात करने पहुंचे तो निकाला बाहर

parents protest against fees hike
डेमो ‌पिक - फोटो : getty images

अभिभावकों के अनुसार बढ़ी फीस के मुद्दे पर जब वो बात करने पहुंचे तो उनकी नहीं सुनी गई। प्रिंसिपल ने उन्हें बाहर निकाल दिया। इसके बाद सोमवार को सुबह सात बजे ही सभी अभिभावक स्कूल के गेट पर जमा हो गए। 

प्रदर्शन कर रहे एक अभिभावक ने बताया कि उनकी दो बेटियां स्कूल में पढ़ती हैं। स्कूल पॉलिसी के अनुसार उनकी छोटी बेटी की आधी ट्यूशन फीस देनी पड़ती थी। मगर, इस साल से यह छूट समाप्त कर दी गई है। 

इस वजह से कक्षा तीन में पहुंची बेटी की तीन महीने की फीस इस साल 16,750 रुपये जमा करनी पड़ी है। जबकि बीते साल तक उन्हें तीन महीने की फीस 8,538 रुपये ही जमा करनी होती थी।

सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल की प्रिंसिपल प्रोमिनी चोपड़ा का कहना है, बच्चों की सुविधा के लिए इस साल पूरा स्कूल वातानुकूलित किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर भी बढ़ाया गया है। इसलिए फीस बढ़ाई गई है। 50 फीसदी बढ़ोतरी की बात सही नहीं है। अभिभावक दो अलग-अलग कक्षाओं की फीस की तुलना कर रहे हैं। सच यह है कि अधिकतम 21 फीसदी फीस बढ़ी है, जबकि औसत बढ़ोतरी 18 फीसदी है। अभिभावकों ने विरोध किया है। इसलिए हम उनकी बात प्रबंधन तक पहुंचा देंगे।

 


 
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