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लखनऊ यूनिवर्सिटीः 10 कोर्सेज की होगी ऑनलाइन ऑफ कैंपस काउंसलिंग
Wed, 03 Apr 2019 04:52 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 03 Apr 2019 04:52 PM IST
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lucknow university
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ विश्वविद्यालय में शैक्षिक सत्र 2019-20 में 10 पाठ्यक्रमों के दाखिले ऑनलाइन ऑफ कैंपस प्रणाली से होंगे। इन पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए चयनित अभ्यर्थियों को कैंपस नहीं आना होगा। लविवि की वेबसाइट पर अपने प्रमाणपत्र अपलोड करके वे घर बैठे काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
लविवि ने पहली बार ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए 200 रुपये पंजीकरण शुल्क भी लगाया है। लविवि ने मंगलवार को अपनी प्रस्तावित काउंसलिंग प्रक्रिया जारी कर दी। प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि पंजीकरण शुल्क और एडवांस फीस जमा करने के बाद अभ्यर्थी को सीट आवंटित की जाएगी।
इसके बाद भी अगर अभ्यर्थी उसमें सुधार के लिए दोबारा काउंसलिंग में शामिल होना चाहता है तो उसे इसका मौका भी दिया जाएगा। बीए की काउंसलिंग पहले की तरह ऑनलाइन ऑन कैंपस ही होगी। लविवि में इस साल पहली बार ऑफ कैंपस काउंसलिंग की शुरुआत की जा रही है।
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इसके लिए अभ्यर्थी को सबसे पहले अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण, एडवांस फीस जमा करने के बाद अभ्यर्थी को रैंक के आधार पर सीट जारी की जाएगी। सीट आवंटन से संतुष्ट न होने पर अभ्यर्थी को बीएड की तर्ज पर अपनी सीट अपग्रेड करने का मौका भी दिया जाएगा।
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लविवि ने पहली बार ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए 200 रुपये पंजीकरण शुल्क भी लगाया है। लविवि ने मंगलवार को अपनी प्रस्तावित काउंसलिंग प्रक्रिया जारी कर दी। प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि पंजीकरण शुल्क और एडवांस फीस जमा करने के बाद अभ्यर्थी को सीट आवंटित की जाएगी।
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इसके बाद भी अगर अभ्यर्थी उसमें सुधार के लिए दोबारा काउंसलिंग में शामिल होना चाहता है तो उसे इसका मौका भी दिया जाएगा। बीए की काउंसलिंग पहले की तरह ऑनलाइन ऑन कैंपस ही होगी। लविवि में इस साल पहली बार ऑफ कैंपस काउंसलिंग की शुरुआत की जा रही है।
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इसके लिए अभ्यर्थी को सबसे पहले अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण, एडवांस फीस जमा करने के बाद अभ्यर्थी को रैंक के आधार पर सीट जारी की जाएगी। सीट आवंटन से संतुष्ट न होने पर अभ्यर्थी को बीएड की तर्ज पर अपनी सीट अपग्रेड करने का मौका भी दिया जाएगा।
देखें, इन कोर्सेज की होगी ऑफ कैंपस काउंसलिंग
डेमो
इन कोर्सेज की होगी ऑफ कैंपस काउंसलिंग
- एलएलबी ऑनर्स, - बीकॉम, - बीकॉम ऑनर्स, - बीएससी बायो, - बीएससी मैथ्स, - बीसीए, - बीवोक, - एमबीए फाइव ईयर, - बीबीए, -- बीएलएड
तीन हजार रुपये देनी होगी एडवांस फीस
लविवि में ऑनलाइन ऑफ कैंपस के लिए अभ्यर्थी को दो सौ रुपये पंजीकरण फीस देनी होगी। इसके साथ ही उसे तीन हजार रुपये एडवांस फीस जमा करनी होगी। यह फीस सभी अभ्यर्थियों को जमा करनी है।
जीरो फीस की सुविधा वाले विद्यार्थियों को अर्ह पाए जाने और सीट मिलने पर कंफर्मेशन फीस जमा नहीं करनी होगी। बाकी अभ्यर्थियों के लिए कंफर्मेशन फीस की राशि पाठ्यक्रम की कुल फीस से एडवांस फीस घटाकर निकाली जाएगी।
- एलएलबी ऑनर्स, - बीकॉम, - बीकॉम ऑनर्स, - बीएससी बायो, - बीएससी मैथ्स, - बीसीए, - बीवोक, - एमबीए फाइव ईयर, - बीबीए, -- बीएलएड
तीन हजार रुपये देनी होगी एडवांस फीस
लविवि में ऑनलाइन ऑफ कैंपस के लिए अभ्यर्थी को दो सौ रुपये पंजीकरण फीस देनी होगी। इसके साथ ही उसे तीन हजार रुपये एडवांस फीस जमा करनी होगी। यह फीस सभी अभ्यर्थियों को जमा करनी है।
जीरो फीस की सुविधा वाले विद्यार्थियों को अर्ह पाए जाने और सीट मिलने पर कंफर्मेशन फीस जमा नहीं करनी होगी। बाकी अभ्यर्थियों के लिए कंफर्मेशन फीस की राशि पाठ्यक्रम की कुल फीस से एडवांस फीस घटाकर निकाली जाएगी।
देखें, अपलोड करने होंगे ये प्रमाणपत्र
डेमो
अपलोड करने होंगे ये प्रमाणपत्र
अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही कुछ प्रमाणपत्र भी अपलोड करने होंगे। हर अभ्यर्थी के मामले में ये अलग-अलग होंगे। अभ्यर्थी द्वारा अपलोड प्रमाणपत्र का सत्यापन सरकारी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन ही किया जाएगा। इसके बाद ही उसे काउंसलिंग में शामिल किया जाएगा।
- सामान्य अभ्यर्थियों के लिए- इंटरमीडिएट का अंकपत्र
- ओबीसी अभ्यर्थी क्रीमी लेयर- इंटरमीडिएट का अंकपत्र
- दुर्बल आय वर्ग के सामान्य अभ्यर्थी- इंटरमीडिएट का अंकपत्र और सरकार द्वारा तय प्रमाणपत्र
- ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर- इंटरमीडिएट का अंकपत्र, जाति प्रमाणपत्र, एक जनवरी 2019 के बाद का आय प्रमाणपत्र
- एससी-एसटी नॉन जीरो फीस- इंटरमीडिएट का अंकपत्र, जाति प्रमाणपत्र
- एससी-एसटी जीरो फीस- इंटरमीडिएट का अंकपत्र, जाति प्रमाणपत्र, एक जनवरी 2019 के बाद का आय प्रमाणपत्र
हर कोर्स के लिए विकल्प भरना अनिवार्य
लविवि की ऑनलाइन ऑफ कैंपस काउंसलिंग व्यवस्था में हर अभ्यर्थी को विकल्प भरना अनिवार्य होगा। भले ही उस पाठ्यक्रम में एक ही विकल्प क्यों न हो। अभ्यर्थी को उस कोर्स में जाकर विकल्प भरना होगा। बीएससी और बीएलएड पाठ्यक्रमों में अभ्यर्थी को ज्यादा से ज्यादा विकल्प भरने को कहा गया है। विकल्प न देने की सूरत में अभ्यर्थी सीट से वंचित रह सकता है। संभव है कि कम रैंक वाले अभ्यर्थी को सीट मिल जाए जबकि उससे ज्यादा रैंक वाले अभ्यर्थी को कम विकल्प भरने की वजह से सीट न मिल सके।
अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही कुछ प्रमाणपत्र भी अपलोड करने होंगे। हर अभ्यर्थी के मामले में ये अलग-अलग होंगे। अभ्यर्थी द्वारा अपलोड प्रमाणपत्र का सत्यापन सरकारी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन ही किया जाएगा। इसके बाद ही उसे काउंसलिंग में शामिल किया जाएगा।
- सामान्य अभ्यर्थियों के लिए- इंटरमीडिएट का अंकपत्र
- ओबीसी अभ्यर्थी क्रीमी लेयर- इंटरमीडिएट का अंकपत्र
- दुर्बल आय वर्ग के सामान्य अभ्यर्थी- इंटरमीडिएट का अंकपत्र और सरकार द्वारा तय प्रमाणपत्र
- ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर- इंटरमीडिएट का अंकपत्र, जाति प्रमाणपत्र, एक जनवरी 2019 के बाद का आय प्रमाणपत्र
- एससी-एसटी नॉन जीरो फीस- इंटरमीडिएट का अंकपत्र, जाति प्रमाणपत्र
- एससी-एसटी जीरो फीस- इंटरमीडिएट का अंकपत्र, जाति प्रमाणपत्र, एक जनवरी 2019 के बाद का आय प्रमाणपत्र
हर कोर्स के लिए विकल्प भरना अनिवार्य
लविवि की ऑनलाइन ऑफ कैंपस काउंसलिंग व्यवस्था में हर अभ्यर्थी को विकल्प भरना अनिवार्य होगा। भले ही उस पाठ्यक्रम में एक ही विकल्प क्यों न हो। अभ्यर्थी को उस कोर्स में जाकर विकल्प भरना होगा। बीएससी और बीएलएड पाठ्यक्रमों में अभ्यर्थी को ज्यादा से ज्यादा विकल्प भरने को कहा गया है। विकल्प न देने की सूरत में अभ्यर्थी सीट से वंचित रह सकता है। संभव है कि कम रैंक वाले अभ्यर्थी को सीट मिल जाए जबकि उससे ज्यादा रैंक वाले अभ्यर्थी को कम विकल्प भरने की वजह से सीट न मिल सके।
अपग्रेडेशन के माध्यम से रेग्युलर सीट पाने का मिलेगा मौका
डेमो
सीट आवंटन पत्र डाउनलोड करना और चार दिन में रिपोर्टिंग अनिवार्य
काउंसलिंंग के बाद अभ्यर्थी सीट आवंटन जारी कर देगा। अभ्यर्थी को उसकी लॉग इन में सीट आवंटन पत्र मिल जाएगा। अभ्यर्थी को यह आवंटन पत्र लेकर संबंधित विभाग या फिर बीएलएड के मामले में संबंधित कॉलेज में चार दिन के भीतर रिपोर्ट करना होगा। रिपोर्ट न करने पर उसकी सीट खाली मान ली जाएगी और अगले चरण के लिए काउंसलिंग कर दी जाएगी।
अभ्यर्थियों को सीट अपग्रेेडेशन सुविधा मिलेगी। इसके लिए अभ्यर्थी को पहला आवंटन जारी होने के बाद अपग्रेडेशन का विकल्प चुनना होगा। इसकी कुछ फीस भी जमा करनी होगी। जैसे अभ्यर्थी को बीकॉम की सेल्फ फाइनेंस की फीस आवंटित हुई है तो एडवांस फीस के तीन हजार रुपये घटाकर (बीकॉम सेल्फ फाइनेंस की कुल फीस-17,080 रुपये) उसे 14,080 रुपये जमा करने पड़ेंगे।
अभ्यर्थी को लगता है कि रेग्युलर सीट पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों के सीट छोड़ने पर उसे नियमित सीट मिल सकती है तो वह अपग्रेडेशन का विकल्प भर सकता है। यह विकल्प भरने पर उसे 14,080 रुपये के बजाय नियमित पाठ्यक्रम की फीस 5,277 में से तीन हजार रुपये एडवांस घटाकर 2,277 रुपये ही जमा करने होंगे।
अपग्रेेडेशन में उसे अगर नियमित सीट मिल जाती है तो फिर उसे कुछ जमा नहीं करना पड़ेगा। जबकि अपग्रेडेशन में कोई बदलाव न होने पर उसे बची हुई फीस 11,803 रुपये जमा करनी होगी। यह फीस बीकॉम सेल्फ फाइनेेंस की कुल फीस में उसके द्वारा जमा की गई फीस से घटाकर निकाली गई है।
काउंसलिंंग के बाद अभ्यर्थी सीट आवंटन जारी कर देगा। अभ्यर्थी को उसकी लॉग इन में सीट आवंटन पत्र मिल जाएगा। अभ्यर्थी को यह आवंटन पत्र लेकर संबंधित विभाग या फिर बीएलएड के मामले में संबंधित कॉलेज में चार दिन के भीतर रिपोर्ट करना होगा। रिपोर्ट न करने पर उसकी सीट खाली मान ली जाएगी और अगले चरण के लिए काउंसलिंग कर दी जाएगी।
अभ्यर्थियों को सीट अपग्रेेडेशन सुविधा मिलेगी। इसके लिए अभ्यर्थी को पहला आवंटन जारी होने के बाद अपग्रेडेशन का विकल्प चुनना होगा। इसकी कुछ फीस भी जमा करनी होगी। जैसे अभ्यर्थी को बीकॉम की सेल्फ फाइनेंस की फीस आवंटित हुई है तो एडवांस फीस के तीन हजार रुपये घटाकर (बीकॉम सेल्फ फाइनेंस की कुल फीस-17,080 रुपये) उसे 14,080 रुपये जमा करने पड़ेंगे।
अभ्यर्थी को लगता है कि रेग्युलर सीट पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों के सीट छोड़ने पर उसे नियमित सीट मिल सकती है तो वह अपग्रेडेशन का विकल्प भर सकता है। यह विकल्प भरने पर उसे 14,080 रुपये के बजाय नियमित पाठ्यक्रम की फीस 5,277 में से तीन हजार रुपये एडवांस घटाकर 2,277 रुपये ही जमा करने होंगे।
अपग्रेेडेशन में उसे अगर नियमित सीट मिल जाती है तो फिर उसे कुछ जमा नहीं करना पड़ेगा। जबकि अपग्रेडेशन में कोई बदलाव न होने पर उसे बची हुई फीस 11,803 रुपये जमा करनी होगी। यह फीस बीकॉम सेल्फ फाइनेेंस की कुल फीस में उसके द्वारा जमा की गई फीस से घटाकर निकाली गई है।