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कोरोना काल में अल्पसंख्यक छात्रवृति के लिये 50 फीसदी अंक की बाध्यता खत्म
Fri, 01 Jan 2021 11:17 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 01 Jan 2021 11:17 AM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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अल्पसंख्यक समुदाय के 50 फीसदी से कम अंक पाने विद्यार्थी भी अब पोस्ट मेट्रिक और मेरिट कम मीन्स छात्रवृति के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार ने कोरोना काल मे 50 फीसदी अंक की बाध्यता खत्म कर दी है। विद्यार्थियों को मौका देने के लिये आवेदन करने की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 20 जनवरी की गई है।
भारत सरकार का अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिये प्री मेट्रिक (हाईस्कूल से नीचे), पोस्ट मैट्रिक (हाईस्कूल से ऊपर) और मेडिकल व इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए मेरिट कम मीन्स स्कालरशिप योजना संचालित है। इन योजना में 50 फीसदी या इससे ऊपर अंक हासिल करने वाले विद्यार्थी ही आवेदन कर सकते हैं। इस साल कोरोना बीमारी के कारण स्कूल कालेज बंद होने से पढ़ाई बाधित रही और कई जगह पर सिर्फ प्रमोट कर अगला क्लास दे दिया गया।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक आरपी सिंह ने बताया कि कोरोना की वजह से इस साल छात्रवृति योजना में आवेदन के लिये 50 फीसदी अंक की बाध्यता खत्म कर दी गई। हालांकि ये सिर्फ इस साल तक ही रहेगी।
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भारत सरकार का अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिये प्री मेट्रिक (हाईस्कूल से नीचे), पोस्ट मैट्रिक (हाईस्कूल से ऊपर) और मेडिकल व इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए मेरिट कम मीन्स स्कालरशिप योजना संचालित है। इन योजना में 50 फीसदी या इससे ऊपर अंक हासिल करने वाले विद्यार्थी ही आवेदन कर सकते हैं। इस साल कोरोना बीमारी के कारण स्कूल कालेज बंद होने से पढ़ाई बाधित रही और कई जगह पर सिर्फ प्रमोट कर अगला क्लास दे दिया गया।
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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक आरपी सिंह ने बताया कि कोरोना की वजह से इस साल छात्रवृति योजना में आवेदन के लिये 50 फीसदी अंक की बाध्यता खत्म कर दी गई। हालांकि ये सिर्फ इस साल तक ही रहेगी।
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