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लखनऊ यूनिवर्सिटीः किसी छात्र के काम न आया एक करोड़ का ई-कंटेंट

Wed, 28 Aug 2019 01:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Wed, 28 Aug 2019 01:38 PM IST
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not a single student used one crore e content
लविवि में ई-लाइब्रेरी की नई बिल्डिंग बनकर तैयार - फोटो : amar ujala
लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक साल पहले एक करोड़ रुपये का ई-कंटेंट खरीदा था, दावा था कि विद्यार्थियों को घर बैठे इसका लाभ मिलेगा। मगर आज तक एक भी छात्र को इसका फायदा नहीं मिल सका, क्योंकि यह सुविधा सिर्फ विद्यार्थियों की लॉगइन बनने के बाद ही संभव है और विवि ने एक साल बाद भी विद्यार्थियों की लॉगइन नहीं बनाई है।
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ऐसे में एक करोड़ रुपये की लागत वाला ई-कंटेंट सिर्फ कुछ शिक्षकों के उपयोग तक ही सीमित है। लविवि में टैगोर पुस्तकालय भवन के ठीक बगल में 1.83 करोड़ रुपये लागत से ई-लाइब्रेरी का भवन बनकर तैयार हो चुका है। इस दो मंजिला भवन में विद्यार्थियों को ई-लाइब्रेरी सुविधा का लाभ मिलना है।
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भवन निर्माण पूरा होने से पहले ही विवि ने पिछले साल एक करोड़ रुपये की लागत से ई-कंटेट खरीद लिया। दावा था कि यह ई-कंटेंट हर विद्यार्थी की पहुंच में होगा। विद्यार्थी अपने मोबाइल पर भी इसका उपयोग कर पाएंगे। जब ई-लाइब्रेरी का भवन बनकर तैयार हो जाएगा तो इसमें मौजूद 500 कंप्यूटर के माध्यम से भी इसका उपयोग किया जा सकेगा।
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पूरा साल बीत गया लेकिन विवि ने विद्यार्थियों की लॉगइन ही नहीं बनाई गई। इस वजह से वे इसका उपयेाग ही नहीं कर सके। फिलहाल ई-कंटेंट सिर्फ विवि परिसर के भीतर लविवि के इंटरनेट पर ही देखा जा सकता है। इसकी पहुंच सिर्फ विवि के कुछ शिक्षकों तक ही है। बाकी को इसकी जानकारी तक नहीं है।

इस साल भी खरीदा जाएगा डेढ़ करोड़ रुपये का ई-कंटेंट

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लविवि में ई-लाइब्रेरी की नई बिल्डिंग बनकर तैयार - फोटो : अमर उजाला
नवीन परिसर और कॉलेज के विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने की योजना
ई-लाइब्रेरी की स्थापना पुराने परिसर में हुई है, लेकिन इसका लाभ नवीन परिसर के साथ ही कॉलेज के विद्यार्थियों को भी देने की योजना है। इसके लिए ई-कंटेंट प्रदाता कंपनी से बात की जा रही है। विवि के द्वितीय परिसर में फिलहाल कोई केंद्रीय पुस्तकालय नहीं है। इसलिए अब विवि प्रशासन नवीन परिसर में ई-लाइब्रेरी की स्थापित करने की योजना है। इस पर काम चल रहा है।

लविवि में पिछले सप्ताह ही लाइब्रेरी की बैठक हुई है। पिछले साल एक करोड़ रुपये की खरीद के बाद इस साल भी डेढ़ करोड़ का ई-कंटेंट खरीदा जाना है। लेकिन अभी तक पिछले कंटेंट तक विद्यार्थियों की पहुंच सुनिश्चित नहीं की गई है।

कुछ दिनों में शुरू हो जाएगा उपयोग
ई-लाइब्रेरी का भवन बनकर तैयार हो चुका है। अगले कुछ दिनों में इसका उपयोग शुरू हो जाएगा। फिलहाल विद्यार्थी अपने विभाग के कंप्यूटर पर ई-कंटेंट का उपयोग कर सकते हैं। हम लॉगइन तैयार करके जल्द ही विद्याथियों को इसका लाभ देंगे जिससे कि वे कहीं से भी इसका लाभ उठा सकेंगे। - प्रो. नवीन खरे, मानद पुस्तकालयाध्यक्ष, लविवि
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