लखनऊ: 67% अभ्यर्थियों ने छोड़ी एनडीए की परीक्षा
सुबह 9 बजे से केन्द्रों पर सैनिटाइजेशन व थर्मल स्क्रीनिंग के बाद विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। कई केन्द्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया तो कुछ जगह इसका पालन नहीं हुआ।
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संघ लोक सेवा आयोग की रविवार को आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की परीक्षा में कोरोना संक्रमण और कर्फ्यू हावी रहा। यही वजह रही कि दोनों पालियों में मात्र 33% परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 67% परीक्षार्थी अनुपस्थिति रहे।
एडीएम प्रशासन अमरपाल सिंह ने बताया कि परीक्षा दो पालियों में सुबह 10 से 12.30 बजे तक और दूसरी पाली में दोपहर 02 बजे से शाम 4.30 बजे तक हुई। 109 केंद्रों पर 50849 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे। उन्होंने बताया कि पहली पाली में जहां 16837 अभ्यर्थी उपस्थित रहे और 33986 अनुपस्थित। वहीं, दूसरी पाली में 16817 ही शामिल हुए और 34006 अनुपस्थित रहे।
ओवरऑल मात्र 33.13% उपस्थिति और 67 % अनुपस्थिति रही। माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और रविवार को घोषित कोरोना कर्फ्यू के कारण काफी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। क्योंकि अधिकतर विद्यार्थियों को दूसरे जिले जाकर परीक्षा में शामिल होना था।
जीएस के पेपर में उलझे अभ्यर्थी
एनडीए परीक्षा में हर बार की तरह इस बार भी जीएस और रीजनिंग के सवालों में अभ्यर्थी उलझे रहे। वहीं, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आयोजित परीक्षा को लेकर जहां कुछ केंद्रों पर थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन की व्यवस्था थी तो कई जगह पर कोई व्यवस्था नहीं थी। कई कंद्रों पर पुलिस की उपस्थिति के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग नहीं मेंटेन की जा सकी।
परीक्षा देकर निकले कानपुर के साहिल ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा मैथ का पेपर बेहतर लगा। हालांकि रीजनिंग से जुड़े सवाल थोड़े कठिन थे। अंबेडकरनगर के समर्पित मौर्य ने बताया कि ओवरऑल पेपर टफ था। मैथ में जहां स्टेटिक्स के सवाल कठिन थे, वहीं जीएस में पैसेज और ग्रामर से जुड़े सवाल काफी उलझाने वाले थे।
अयोध्या के दीपक यादव ने बताया कि जनरल नॉलेज में अधिकतर सवाल राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े थे। गणित के सवाल काफी लंबे थे। कानपुर के रितिक यादव ने बताया कि करेंट अफेयर्स के सवाल भी काफी घुमाकर पूछे गए थे। अंग्रेजी भी कठिन थी। सवाल इतने कठिन थे कि ढाई घंटे का समय कम पड़ गया। माइनस मार्किग होने के कारण रिस्क भी नहीं ले सकते थे।