फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Mukhtar's ambulance: not a hospital nor a doctor, but the registration of an ambulance

मुख्तार की एंबुलेंस : न अस्पताल न डॉक्टर, लेकिन एंबुलेंस का पंजीकरण

Sat, 03 Apr 2021 03:47 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 03 Apr 2021 03:47 PM IST
विज्ञापन
Mukhtar's ambulance: not a hospital nor a doctor, but the registration of an ambulance
मुख्तार अंसारी
मुख्तार को पंजाब की जेल से पेशी पर ले जाने के लिए बाराबंकी के जिस एंबुलेंस का प्रयोग किया गया उसका चार साल से न इंश्योरेंस व छह साल से फिटनेस भी नहीं कराया गया है। जिस अस्पताल का पता लिखवाया गया है वह कहीं वजूद में ही नहीं है। स्वास्थ्य महकमा इस नाम के किसी अस्पताल का पंजीकरण न होने का दावा कर रहा है। वहीं परिवहन विभाग फिटनेस न कराने पर एक साल पहले डॉ. अलका राय को नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर चुका है। बताया जाता है कि एंबुलेंस के नाम से दर्ज यह वाहन माफिया के निजी कार्य में लगातार प्रयोग किया जा रहा था। इसकी भनक लगने के बाद स्थानीय पुलिस व प्रशासन दिन भर मामले की छानबीन में जुटा रहा। लखनऊ एसटीएफ ने भी बाराबंकी पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।  
विज्ञापन


माफिया को संरक्षण दे रही कांग्रेस सरकार
नियमानुसार किसी भी अपराधी को निजी एम्बुलेंस की सुविधा नहीं दी जा सकती है, लेकिन माफिया मुख्तार अंसारी को कांग्रेस की पंजाब सरकार ने न केवल संरक्षण दिया है बल्कि उसके लिए लग्जरी बुलेटप्रूफ निजी एम्बुलेंस की सुविधा भी मुहैया कराई है। इससे पहले भी मुख्तार को 2013 में सपा सरकार के समय बुलेटप्रूफ निजी एम्बुलेंस की सुविधा दी गई थी, जिसका वह अभी तक उपयोग कर रहा है। प्रियंका वाड्रा को भी ट्विटर के जरिये इसका जवाब देना चाहिए।
विज्ञापन

 -सिद्धार्थ नाथ सिंह, प्रवक्ता, यूपी सरकार  

मुख्तार से मेरी जान को खतरा : सांसद
नैनी जेल में निरुद्ध घोसी सांसद अतुल राय ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मुख्तार से खुद की जान को खतरा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्तार की साजिश की वजह से ही वह 2019 से दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे में जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा है कि मुख्तार घोसी संसदीय सीट अपने बेटे को बसपा से टिकट दिलाना चाहते थे। लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट दे दिया। इसे लेकर मुख्तार उनसे नाराज है और यदि वह पंजाब से नैनी जेल लाया जाता है तो उनकी हत्या करा देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed