यूपी के इन मेडिकल कॉलेजों में बढ़ीं एमबीबीएस की 110 सीटें, सेकंड काउंसलिंग में होंगे दाखिले
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उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़ने और घटने का सिलसिला जारी है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने एक चिकित्सा संस्थान और चार मेडिकल कॉलेजों में 110 सीटें बढ़ाने की अनुमति दी है।
वहीं, स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तीन मेडिकल कॉलेजों की 75 सीटें चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सरेंडर कर दी हैं। इससे अब गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस) की कुल 310 सीटों पर सेकंड काउंसलिंग में प्रवेश होगा।
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि एमसीआई ने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 20, बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में 25, झांसी मेडिकल कॉलेज में 25, प्रयागराज मेडिकल कॉलेज में 20 और रिम्स सैफई में 20 सीटें गरीब सवर्ण आरक्षण के तहत बढ़ाई गईं हैं।
स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत बने कन्नौज, अंबेडकरनगर और सहारनपुर मेडिकल कॉलेज की 25-25 सीटें (कुल 75) चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सरेंडर कर दी हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में अनुसूचित जाति को 70 फीसदी, अन्य पिछड़ा वर्ग को 15 फीसदी और सामान्य वर्ग को 15 फीसदी आरक्षण दिया जाता है। इन तीनों मेडिकल कॉलेजों में 100-100 सीटें हैं।
25-25 सीटें बढ़ाने को दी गई थी अनुमति
गरीब सवर्ण आरक्षण के तहत 25-25 सीटें बढ़ाने की अनुमति इन कॉलेजों की दी गई थी, लेकिन आरक्षण व्यवस्था लागू करने में दिक्कत के चलते चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इन सीटों को सरेंडर कर दिया है।
प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि पहले सभी मेडिकल कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस कोटे की 275 सीटों का आवंटन हुआ था। इनमें से 75 सीटें सरेंडर करने के बाद 200 सीटें बची थीं। अब 110 नई सीटें मिलने से ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटों की संख्या बढ़कर 310 हो गई है।
वहीं केंद्र ने राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा, राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं, स्वशासी मेडिकल कॉलेज बस्ती, बहराइच, अयोध्या, शाहजहांपुर व फिरोजाबाद में ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटें बढ़ाने से मना कर दिया है। अब पहले से आवंटित 100-100 सीटों में से अगले दो साल में सवर्ण आरक्षण दिया जाएगा।