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लखनऊ के लोहिया संस्थान में जल्द शुरू होगी एमबीबीएस की पढ़ाई
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Wed, 03 May 2017 04:57 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में इसी सत्र से 150 सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होगी। कोर्स संचालन के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से अनुमति मिल गई है। अभी तक केवल केजीएमयू में 250 सीटों पर कोर्स का संचालन हो रहा था।
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लोहिया में 150 सीटों पर मंजूरी के बाद अब राजधानी में कुल 400 सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई होगी। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कराने के लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2014 में केंद्र और एमसीआई को पत्र लिखा था।
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संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय ने बताया कि बीते 28 अप्रैल को एमसीआई दिल्ली में बैठक के दौरान एमसीआई ने कोर्स संचालन पर मुहर लगाते हुए इसकी जानकारी दी है। अब केंद्र सरकार से अंतरिम आदेश का इंतजार है।
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उन्होंने बताया कि लोहिया संस्थान प्रदेश का पहला संस्थान है, जहां एम्स दिल्ली की तरह सुपर स्पेशलिटी डिपार्टमेंट के संचालन के साथ एमबीबीएस कोर्स की पढ़ाई होगी।
मालूम हो कि लोहिया संस्थान में करीब 19 सुपर स्पेशलिटी विभाग है, जहां क्रिटिकल केयर की सुविधा है। संस्थान में 2015 से एमबीबीएस कोर्स शुरू कराने की कवायद चल रही है।
385 करोड़ का एकेडमिक ब्लॉक
राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट
- फोटो : amar ujala
एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए सरकार ने 385 करोड़ का एकेडमिक ब्लॉक बनाया है। इस ब्लॉक में दो आधुनिक लेक्चर थियेटर, डिसेक्शन हॉल, एक डिमॉन्स्ट्रेशन हॉल, टीचिंग एरिया आदि का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है।
टीचिंग एरिया भी लगभग तैयार है, जिसमें जनरल विभागों का संचालन होगा। निदेशक डॉ. मालवीय ने बताया कि प्रशासनिक भवन में बनकर तैयार कंप्यूटराइज्ड लाइब्रेरी में आठ हजार से अधिक किताबें हैं। 75-75 सीटों के दो सिटिंग एरिया बने हैं।
ऑनलाइन जर्नल्स के लिए लाइब्रेरी में बीस कंप्यूटर भी लगे हैं। लाइब्रेरी में एमबीबीएस, एमडी, एमएस, एमसीएच, नर्सिंग समेत मेडिकल से संबंधित अन्य कोर्स की पुस्तकें हैं।
लोहिया संस्थान में 150 सीटों पर एमबीबीएस कोर्स की अनुमति मिलने के बाद पूरे यूपी में अब कुल 1990 सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई होगी। कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, गोरखुपर, आगरा, झांसी, मेरठ, आजमगढ़, कन्नौज, जालौन, बांदा, सहारनपुर और अंबेडकरनगर में कुल 1440 सीटों, केजीएमयू में 250 और यूपी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज सैफई में 100 सीटों को सीटों को मिलाकर अभी तक 1840 सीटों पर एमबीबीएस कोर्स का संचालन हो रहा था।
टीचिंग एरिया भी लगभग तैयार है, जिसमें जनरल विभागों का संचालन होगा। निदेशक डॉ. मालवीय ने बताया कि प्रशासनिक भवन में बनकर तैयार कंप्यूटराइज्ड लाइब्रेरी में आठ हजार से अधिक किताबें हैं। 75-75 सीटों के दो सिटिंग एरिया बने हैं।
ऑनलाइन जर्नल्स के लिए लाइब्रेरी में बीस कंप्यूटर भी लगे हैं। लाइब्रेरी में एमबीबीएस, एमडी, एमएस, एमसीएच, नर्सिंग समेत मेडिकल से संबंधित अन्य कोर्स की पुस्तकें हैं।
लोहिया संस्थान में 150 सीटों पर एमबीबीएस कोर्स की अनुमति मिलने के बाद पूरे यूपी में अब कुल 1990 सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई होगी। कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, गोरखुपर, आगरा, झांसी, मेरठ, आजमगढ़, कन्नौज, जालौन, बांदा, सहारनपुर और अंबेडकरनगर में कुल 1440 सीटों, केजीएमयू में 250 और यूपी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज सैफई में 100 सीटों को सीटों को मिलाकर अभी तक 1840 सीटों पर एमबीबीएस कोर्स का संचालन हो रहा था।
कोर्स चलाने के लिए खोले नए विभाग
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एमबीबीएस कोर्स के संचालन के लिए लोहिया संस्थान प्रशासन ने कुल 17 नए विभाग खोले। इसमें एनॉटमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, फॉर्माकोलॉजी, फॉरेसिंक मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, ट्यूबरकुलोसिस एंड रेस्पिरेटरी मेडिसिन, डर्मेटोलॉजी एंड लेप्रोसी, साइक्रेटरी, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपैडिक्स, ईएनटी, ऑपथैलमोलॉजी, ऑब्स एंड गायनेकोलॉजी, डेंटिस्ट्री और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग शामिल हैं। सभी विभागों के लिए चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
लोहिया संस्थान में कुल 103 फैकल्टी व 119 रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम है। इसमें 81 सीनियर रेजिडेंट व 38 जूनियर रेजिडेंट हैं। वहीं 750 से अधिक कर्मचारी हैं, जिनमें 200 नियमित हैं।
मालूम हो कि कुछ समय पहले ही एमसीआई संस्थान के अलग-अलग सुपर स्पेशलिटी यूनिट में एमडी, डीएम और एमसीएच कोर्स के लिए 19 सीटों का विस्तार करते हुए कुल 38 सीटों पर पढ़ाई की अनुमति दे चुकी है।
लोहिया संस्थान में कुल 103 फैकल्टी व 119 रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम है। इसमें 81 सीनियर रेजिडेंट व 38 जूनियर रेजिडेंट हैं। वहीं 750 से अधिक कर्मचारी हैं, जिनमें 200 नियमित हैं।
मालूम हो कि कुछ समय पहले ही एमसीआई संस्थान के अलग-अलग सुपर स्पेशलिटी यूनिट में एमडी, डीएम और एमसीएच कोर्स के लिए 19 सीटों का विस्तार करते हुए कुल 38 सीटों पर पढ़ाई की अनुमति दे चुकी है।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद बढ़ेंगी सीटें
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दस से अधिक सुपर स्पेशलिटी विभाग हैं, जहां 350 बेड पर मरीजों का इलाज हो रहा है। 200 बेड की एमसीएच यूनिट और 500 बेड के लोहिया अस्पताल के एकीकरण के बाद कुल 1050 बेड पर इलाज की सुविधा होगी।
16 ऑपरेशन थियेटर में रोजाना 30 से अधिक ऑपरेशन हो रहे हैं। 14 बेड की आईसीयू के साथ किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में चार सफल प्रत्यारोपण हो चुके हैं। दो कैथ लैब, और दो लिनियर एक्सिलरेटर मशीन की सुविधा है।
संस्थान में बीएसी और एमएससी नर्सिंग कोर्स का संचालन हो रहा है। जल्द ही इमरजेंसी ट्रॉमा यूनिट को शुरू कराने की तैयारी है। बदायूं, ग्रेटर नोएडा, जौनपुर और चंदौली में बन रहे मेडिकल कॉलेजों में जल्द एमबीबीएस की पढ़ाई की योजना है।
इन मेडिकल कॉलेजों में सौ-सौ सीटों पर पढ़ाई होगी। इसके अलावा बस्ती, फैजाबाद, बहराइच, गोरखपुर, शाहजहांपुर और फिरोजाबाद के जिला अस्पताल का उच्चीकृत कर कोर्स के संचालन की योजना है। रायबरेली और गोरखुपर में एम्स बनने के बाद पूरे प्रदेश में करीब तीन हजार सीटों पर एबीबीएस कोर्स की पढ़ाई होगी।
16 ऑपरेशन थियेटर में रोजाना 30 से अधिक ऑपरेशन हो रहे हैं। 14 बेड की आईसीयू के साथ किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में चार सफल प्रत्यारोपण हो चुके हैं। दो कैथ लैब, और दो लिनियर एक्सिलरेटर मशीन की सुविधा है।
संस्थान में बीएसी और एमएससी नर्सिंग कोर्स का संचालन हो रहा है। जल्द ही इमरजेंसी ट्रॉमा यूनिट को शुरू कराने की तैयारी है। बदायूं, ग्रेटर नोएडा, जौनपुर और चंदौली में बन रहे मेडिकल कॉलेजों में जल्द एमबीबीएस की पढ़ाई की योजना है।
इन मेडिकल कॉलेजों में सौ-सौ सीटों पर पढ़ाई होगी। इसके अलावा बस्ती, फैजाबाद, बहराइच, गोरखपुर, शाहजहांपुर और फिरोजाबाद के जिला अस्पताल का उच्चीकृत कर कोर्स के संचालन की योजना है। रायबरेली और गोरखुपर में एम्स बनने के बाद पूरे प्रदेश में करीब तीन हजार सीटों पर एबीबीएस कोर्स की पढ़ाई होगी।