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लविवि फिर शुरू करेगा वर्चुअल क्लासरूम, छात्र-छात्राएं को इस तरह कराना होगा रजिस्ट्रेशन
Fri, 10 May 2019 04:27 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 10 May 2019 04:27 PM IST
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लखनऊ विश्वविद्यालय
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लखनऊ विश्वविद्यालय आठ साल बाद एक बार फिर से अपनी वर्चुअल क्लासरूम शुरू करेगा। विवि में 1.67 करोड़ रुपये की लागत से तैयार वर्चुअल क्लासरूम का उद्घाटन वर्ष 2011 में हुआ था। उद्घाटन के बाद इस पर ताला पड़ा हुआ है।
बिना उपयोग ही इसके उपकरण भी खराब हो रहे हैं। वर्चुअल क्लासरूम में लविवि के विद्यार्थी अन्य विवि की ऑनलाइन और रिकॉर्डेड कक्षाओं की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। लविवि कुलपति के निर्देश पर इसकी शुरुआत की जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिससे कि उपकरण दुरुस्त किए जा सकें।
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बिना उपयोग ही इसके उपकरण भी खराब हो रहे हैं। वर्चुअल क्लासरूम में लविवि के विद्यार्थी अन्य विवि की ऑनलाइन और रिकॉर्डेड कक्षाओं की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। लविवि कुलपति के निर्देश पर इसकी शुरुआत की जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिससे कि उपकरण दुरुस्त किए जा सकें।
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राज्य सरकार की मदद से तैयार इस क्लासरूम का उद्घाटन तत्कालीन उच्च शिक्षामंत्री राकेशधर त्रिपाठी ने किया था। एकेडमिक स्टाफ कॉलेज में स्थापित इस क्लासरूम के उद्घाटन के एक महीने के अंदर स्टूडेंट्स को सुविधा देने का दावा किया गया था।
यह दावा आठ साल भी धरातल पर नहीं उतर सका है। अब जाकर लविवि ने इसे फिर शुरू करने की बात कही है। इस क्लासरूम के माध्यम से स्टूडेंट्स किसी संस्थान में हो रहे लेक्चर को देख व सुन सकते हैं।
क्लासरूम में विशेषज्ञों के रिकॉर्डेड लेक्चर बार-बार देखने व सुनने की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है। इसे शुरू करने की जिम्मेदारी डाटा सेंटर के निदेशक प्रो. अनिल मिश्रा और पत्रकारिता विभाग के हेड प्रो. मुकुल श्रीवास्तव को दी गई है।
यह दावा आठ साल भी धरातल पर नहीं उतर सका है। अब जाकर लविवि ने इसे फिर शुरू करने की बात कही है। इस क्लासरूम के माध्यम से स्टूडेंट्स किसी संस्थान में हो रहे लेक्चर को देख व सुन सकते हैं।
क्लासरूम में विशेषज्ञों के रिकॉर्डेड लेक्चर बार-बार देखने व सुनने की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है। इसे शुरू करने की जिम्मेदारी डाटा सेंटर के निदेशक प्रो. अनिल मिश्रा और पत्रकारिता विभाग के हेड प्रो. मुकुल श्रीवास्तव को दी गई है।
तीन भाग में है वर्चुअल क्लासरूम
वर्चुअल क्लासरूम तीन भागों में बंटा हुआ है। पहले भाग में दो इंटरैक्टिव बोर्ड हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई कराई जा सकती है। दूसरे भाग में एक स्टूडियो है, जिसमें शिक्षकों के लेक्चर रिकॉर्ड करने की सुविधा उपलब्ध है। तीसरे भाग में वेब पोर्टल है।
इस पोर्टल पर शिक्षकों के नोट्स और लेक्चर उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही विद्यार्थी भी अपनी समस्याएं रख पाएंगे। शिक्षक वहीं पर इनका जवाब दे सकेंगे। इस तरह से विद्यार्थी को घर बैठकर ही अपनी समस्याओं का समाधान मिल सकेगा।
इस पोर्टल पर शिक्षकों के नोट्स और लेक्चर उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही विद्यार्थी भी अपनी समस्याएं रख पाएंगे। शिक्षक वहीं पर इनका जवाब दे सकेंगे। इस तरह से विद्यार्थी को घर बैठकर ही अपनी समस्याओं का समाधान मिल सकेगा।
लॉगइन आईडी और पासवर्ड से मिलनी थी सुविधा
वर्चुअल क्लासरूम से जुड़ने के लिए शिक्षकों और स्टूडेंट्स को सबसे पहले खुद का रजिस्ट्रेशन कराना था। रजिस्ट्रेशन के बाद स्टूडेंट और टीचर्स को लॉगइन आईडी और पासवर्ड दिए जाने थे। इसका उपयोग करके वर्चुअल क्लासरूम से जुड़ा जा सकता है।
उद्घाटन के दो महीने बाद कुछ लोगों ने इसमें रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन किसी प्रकार की सुविधा न होने की वजह से वे भी शांत पड़ गए। इसके बाद वर्चुअल क्लास रूम पर ताला ही पड़ा गया।
उद्घाटन के दो महीने बाद कुछ लोगों ने इसमें रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन किसी प्रकार की सुविधा न होने की वजह से वे भी शांत पड़ गए। इसके बाद वर्चुअल क्लास रूम पर ताला ही पड़ा गया।
दुनिया भर के लेक्चर पढ़ने की सुविधा होगी
विवि की वर्चुअल क्लासरूम को फिर से शुरू किया जा रहा है। प्रो. अनिल मिश्रा और प्रो. मुकुल श्रीवास्तव को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। इसके विद्यार्थियों को एक जगह पर बैठकर दुनिया भर के लेक्चर पढ़ने की सुविधा मिल पाएगी।
- प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, लविवि
- प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, लविवि