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निजी कॉलेजों को देना होगा शिक्षकों को मानक के अनुरूप वेतन

Tue, 22 May 2018 06:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 22 May 2018 06:07 PM IST
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lucknow university will fix the salary of private college teachers
lucknow university - फोटो : amar ujala

लखनऊ विश्वविद्यालय निजी डिग्री कॉलेजों की फीस के साथ ही उनके शिक्षकों का न्यूनतम वेतन तय करने की भी तैयारी कर रहा है। शासन ने विवि को सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में चलने वाले पाठ्यक्रमों की फीस निर्धारित करने का निर्देश दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि निजी कॉलेजों में फीस के साथ ही शिक्षकों के वेतन में भी काफी खेल किया जाता है। 

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उच्च शिक्षा विभाग ने भी लविवि को सहयुक्त कॉलेजों की फीस तय करने का निर्देश दे रखा है। माना जा रहा है कि इस साल समाज कल्याण विभाग की स्कॉलरशिप और फीस प्रतिपूर्ति घोटाले की वजह से शासन ने यह निर्देश दिया है।
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लविवि फीस निर्धारण के प्रावधान और प्रक्रिया पर विचार कर रहा है। विवि का तर्क है कि जब वह कॉलेजों से फीस अपने समान लेने को कहेगा तो फिर उन्हें शिक्षकों को तय न्यूनतम वेतन भी देना चाहिए।

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प्रधानाचार्य परिषद लिख चुका है पत्र

लविवि से सहयुक्त डिग्री कॉलेजों की तरफ से प्रधानाचार्य परिषद ने विवि से सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस तय करने के लिए पत्र लिखा है। विवि ने परिसर में चलने वाले स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों की फीस इस साल 15 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की है।

सेमेस्टर सिस्टम लागू होने की वजह से विवि ने परीक्षा फीस भी बढ़ाने की बात कही है। अभी तक फीस तय न होने की वजह से कॉलेज भी अपनी फीस तय नहीं कर पा रहे हैं। प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष प्रो. एसडी शर्मा के अनुसार अभी तक कॉलेजों की फीस तय नहीं हो पाई है।

फीस प्रतिपूर्ति घोटाले के बाद उठा फीस तय करने का मुद्दा

खराब आर्थिक स्थिति वाले विद्यार्थियों को समाज कल्याण और अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग स्कॉलरशिप के साथ फीस प्रतिपूर्ति की राशि जारी करता है। वर्ष 2016-17 में लखनऊ विश्वविद्यालय और उससे सहयुक्त कॉलेजों में सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को मानक से कहीं ज्यादा शुल्क की भरपाई की गई।

शासनादेश के अनुसर फीस प्रतिपूर्ति की राशि रेग्युलर पाठ्यक्रम की फीस से ज्यादा नहीं हो सकती। इसके बावजूद कॉलेज से विद्यार्थियों ने सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम की फीस भर दी। विवि ने उसी फीस के साथ ही आवेदन आगे बढ़ा दिया।

विभागों ने भी विवि द्वारा भेजे गए आवेदन के आधार पर विद्यार्थियों के बैंक खातों में धनराशि भेज दी। मामला खुलने के बाद अब विवि को इसकी जिम्मेदारी दी गई है कि वह रकम की वसूली करे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विश्वविद्यालय में शुल्क भरपाई घपले की जांच पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से कराने के आदेश दिए हैं। यह घपला 24 करोड़ 76 लाख 858 रुपये का है।

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