फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   lucknow university will do research work on gomti river

अब गोमा पर शोध करेगी लखनऊ यूनिवर्सिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए मिली आर्थिक सहायता

Mon, 01 Apr 2019 01:33 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 01 Apr 2019 01:33 AM IST
विज्ञापन
lucknow university will do research work on gomti river
डेमो - फोटो : डेमो
लखनऊ विश्वविद्यालय पढ़ाई के साथ ही लखनऊ की जीवनदायिनी गोमती नदी पर भी शोध करेगा। इस शोध का मकसद गोमती के प्रदूषण और गंदगी को दूर करने के उपाय तलाशना होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने गोमती नदी पर काम करने के लिए लविवि को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता दी है।
विज्ञापन


इतना ही नहीं उच्च शिक्षा विभाग ने पहली बार लविवि को एक साथ नौ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने को मंजूरी दी है। इनमें कॉमर्स विभाग में उद्यमिता विकसित करने के लिए भी एक सेंटर शामिल है। इनके लिए कुल मिलाकर 119.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जारी की गई है।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय को गोमती नदी पर शोध करने के लिए प्रदेश सरकार से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत आर्थिक सहायता मिली है। इस सेंटर के लिए 17 लाख रुपये की सहायता मिली है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रस्ताव भेजने वाले प्रो. ध्रुवसेन सिंह ने बताया कि गोमती नदी इस समय प्रदूषण से जूझ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नदी में पानी की कमी भी एक बड़ी समस्या है। इस सेंटर में नदी की अविरल धारा, प्रदूषण, नदी जनित समस्याएं बाढ़ आदि तथा नदी की बेहतरी के लिए उठाये जाने वाले कदमों पर शोध किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। ताकि इसके संरक्षण के लिए कदम उठाये जा सकें।

सोशल मीडिया पर काम के लिए 5.50 लाख

lucknow university will do research work on gomti river
डेमो
कॉमर्स विभाग को उद्यमिता विकास के लिए 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। इसमें युवाओं की उद्यमिता संवर्द्धन पर काम किया जाएगा। कॉमर्स विभाग सेमी अर्बन क्षेत्र में इसके लिए काम करेगा। मध्यम और छोटे उद्योग इसमें क्या सहयोग कर सकते हैं, इस दिशा में भी काम होगा।

लविवि के पत्रकारिता विभाग को शिक्षकों के लिए फेसबुक लाइव, सोशल साइट पर सूचनाओं को अपडेट करने, वेबसाइट को और अपग्रेड करने आदि पर काम करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मिला है। इसकी सहायता राशि 5.50 लाख रुपये हैं। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुल श्रीवास्तव इस पर काम करेंगे।

इसी तरह सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज को कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी को 20 लाख रुपये मिले हैं। सेंटर के निदेशक प्रो. यूएन द्विवेदी ने बताया कि इसमें हम ड्रग डिजाइनिंग के क्षेत्र में बायोलॉजिकल डाटा एनालिसिस के लिए काम करेंगे। इसमें कंप्यूटर बेस्ड प्रिडिक्शन होगी। इसी तरह बॉटनी विभाग के प्रस्ताव को 20 लाख और फिजिक्स विभाग के प्रस्ताव को 17 लाख रुपये आवंटित हुए हैं। समाजशास्त्र केप्रस्ताव को 11 लाख, समाज कार्य के प्रस्ताव को 7 लाख, मानवशास्त्र को 6 लाख रुपये आवंटित हुए हैं।

देखें, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए मिली आर्थिक सहायता

lucknow university will do research work on gomti river
डेमो
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए मिली आर्थिक सहायता
1- हायड्रो-डायनमिक्स एंड बिहैविरल पैटर्न ऑफ गोमती - 17 लाख रुपये
2- अवध और उत्तर प्रदेश की जनजाति की ग्रोथ के लिए- 6 लाख रुपये
3- सोश्योलॉजी इकोलॉजी, इनवायरमेंट एंड सस्टेनबल डवलपमेंट- 11 लाख रुपये
4- प्रोसेज ऑफ प्रमोशनल एप्रोच फॉर बेटर लाइवहुड फैसिलिटीज- 7 लाख रुपये
5- उद्यमिता विकास- 16 लाख रुपये
6- सोशल मीडिया- 5.50 लाख रुपये
7- बॉटनी- 20 लाख रुपये
8- फिजिक्स- 17 लाख रुपये
9- कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी-20 लाख रुपये
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed