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एलयू: छात्रों की चेतावनी, निलंबन वापस लो, नहीं तो फिर करेंगे आंदोलन

Mon, 07 Aug 2017 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 07 Aug 2017 12:42 AM IST
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Lucknow university students warn administration to take back the suspension.
- फोटो : amar ujala

लखनऊ विश्वविद्यालय में कुलपति को बंधक बनाने और प्रशासनिक भवन में उपद्रव करने के आरोप में जिन 11 छात्रों को निलंबित किया गया था उन्होंने शनिवार को चीफ प्रॉक्टर को अपना जवाब सौंप दिया।

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निलंबित छात्रों ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को खारिज किया है। साथ ही निलंबन वापस न लेने और हॉस्टल अलॉटमेंट की प्रक्रिया व्यवस्थित न करने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
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मंगलवार रात को हॉस्टल आवंटन की सूचना न देने, अलॉटमेंट केनियम बदलने, 50 फीसदी से कम अंक वालों को हॉस्टल न देने समेत कई मुद्दों को लेकर छात्रों ने कुलपति का घेराव कर प्रदर्शन किया था। मध्यरात्रि 12 बजे तक कुलपति ऑफिस से नहीं निकल सके थे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को खदेड़ा था।
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लविवि प्रशासन ने कुलपति को बंधक बनाने और हिंसात्मक उपद्रव का आरोप लगाकर 11 छात्रों को निलंबित कर दिया था। इनमें विनय सिंह, आशीष मिश्रा, विपुल बालियान, अवकाश सिंह, अवनीश, सुधांशु सिंह, अमिनेष जायसवाल, महेंद्र यादव, मनीष सिंह, आशुतोष सिंह और पूजा शुक्ला थी। प्रॉक्टर ने इनसे अपना पक्ष रखने को कहा था।

न हिंसा की, न बंधक बनाया

Lucknow university students warn administration to take back the suspension.

शनिवार को निलंबित छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर के समक्ष पक्ष रखा। छात्रों ने बताया कि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। किसी प्रकार की हिंसा नहीं की और न ही कुलपति को बंधक बनाया। वे बाहर प्रदर्शन कर रहे थे और कुलपति स्वयं ही अपने ऑफिस से नहीं निकले।

छात्रों ने निलंबन वापस लिए जाने की मांग की। साथ ही हॉस्टल अलॉटमेंट की प्रक्रिया व्यवस्थित कर जल्द अलॉट करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि वे रक्षाबंधन के बाद फिर आंदोलन पर उतर सकते हैं। निलंबित छात्रों ने कुलपति को भी ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने नरेंद्र देव हॉस्टल बंद किए जाने पर सवाल उठाए। छात्रों का कहना था कि  परीक्षा समाप्ति के बाद ही हॉस्टल खाली करा लिए गए थे। ऐसे में रेनोवेशन बाद में कैसे शुरू किया गया।

लखनऊ विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर डॉ. विनोद सिंह का कहना है कि छात्रों ने अपना पक्ष रखा है। कमेटी के समक्ष इसे रखा जाएगा। कमेटी की संस्तुति पर आगे की कार्रवाई होगी।

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