लखनऊ यूनिवर्सिटी: शताब्दी वर्ष में भेंट में मिली 100 साल पुरानी डिग्री
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लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष में शुक्रवार को यहां की 100 साल पुरानी डिग्री भेंट में मिली। लविवि से सौ साल पहले डिग्री पाने वाले सिराजुद्दीन अहमद के पुत्र कर्नल फसीह अहमद ने कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय को अपने पिता की इंटरमीडिएट, बैचलर ऑफ साइंस और बैचलर ऑफ लॉ की मूल डिग्रियां सौंपी।
लविवि प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि 100 साल पुरानी पहली डिग्री कर्नल फसीह के पिता की कैनिंग कॉलेज से मिली इंटरमीडिएट और दूसरी डिग्री कैनिंग कॉलेज से नवंबर 1920 में लखनऊ विश्वविद्यालय बने इस संस्थान की पहले स्नातक पाठ्यक्रम की डिग्रियों में से एक है।
पिता द्वारा बताए गए किस्सों की याद ताजा की
कर्नल फसीह ने अपने पिता द्वारा परिसर के बारे में बताए गए किस्सों की याद ताजा की। सिराजुद्दीन अहमद ने 1920 में इंटर पास किया और लखनऊ के नवगठित विश्वविद्यालय में पहले स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम में दाखिला लिया।
उन्होंने 1922 में विषयों के रूप में रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और जूलॉजी के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 1925 में अपनी व्यावसायिक विधि की डिग्री पूरी की। उसी वर्ष उन्हें इम्पीरियल पुलिस बल के लिए चुना गया। वे उत्तर प्रदेश के पहले भारतीय डीआईजी बने।