सुपर 30 की तर्ज पर लखनऊ विश्वविद्यालय में नेट- जेआरएफ की तैयारी
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लखनऊ विश्वविद्यालय में सुपर 30 की तर्ज पर छात्रों को नेट-जेआरएफ की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की सुविधा अब नियमित तौर पर शुरू की जाएगी। कॉमर्स विभाग ने वर्ष 2019 में इसका सफल ट्रायल किया गया था। इसमें 15 छात्र नेट-जेआरएफ में सफल हुए थे। गत वर्ष कोरोना के चलते यह योजना पूर्णकालिक तौर पर शुरू नहीं हो सकी। इस साल से इसे रेग्युलर स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए पांच अप्रैल से प्रक्रिया शुरू की जाएगी। योजना को लागू करने का खाका तैयार है।
छात्रों को नेट-जेआरएफ की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था लविवि के न्यू कॉमर्स ब्लॉक में शुरू हो रही है। कॉमर्स विभाग के हेड प्रो. अवधेश कुमार त्रिपाठी की अगुवाई में और प्रो. राम मिलन के समन्वय से यह योजना रेग्युलर स्तर पर लागू हो रही है। शिक्षकों ने बताया कि इस बार तैयारी के लिएएमकॉम प्रथम व चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र आवेदन कर सकते हैं। फिलहाल अभी लविवि के छात्रों को ही आवेदन की अनुमति दी जाएगी। आवेदन कॉमर्स विभाग के कार्यालय में करना है। छात्र कार्यालय से संपर्क कर आवेदन के फॉर्मेट की जानकारी ले सकेंगे। अप्रैल के पहले सप्ताह में छात्रों को इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।
प्रवेश परीक्षा के बाद होगा चयन
निशुल्क कोचिंग के लिए चयन प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा। एक घंटे की प्रवेश परीक्षा में 100 एमसीक्यू वाले प्रश्न पूछे जाएंगे। मेरिट के आधार पर केवल 30 छात्रों का ही चयन किया जाएगा। प्रो. अवधेश और प्रो. मिलन ने बताया कि कोचिंग एक महीने तक चलेगी। इसमें सीनियर जेआरएफ, एसआरएफ, विवि के शिक्षक पढ़ाएंगे। यही नहीं बाहर से विशेषज्ञ भी बुलाए जाएंगे। सामान्य कक्षाओं के बाद दो घंटे कोचिंग की कक्षाएं चलेंगी।
10 विषयों की दी जाएगी कोचिंग
प्रो. अवधेश व प्रो. मिलन ने बताया कि नेट-जेआरएफ का प्रथम पेपर सभी के लिए कॉमन होता है। द्वितीय पेपर विषय के आधार पर होता है। छात्रों को कॉमर्स के 10 विषयों की तैयारी कराई जाएगी। इसमें एचआर, मार्केटिंग, बैंकिंग, अकाउंटिंग, कॉस्ट अकाउंटिंग, बिजनेस मार्केटिंग जैसे विषय शामिल रहेंगे। उन्होंने बताया कि एक विशेषज्ञ दो दिन तक एक विषय पढ़ाएगा। उसके बाद छात्रों का उस विषय के लिए मॉक टेस्ट लिया जाएगा। इससे पढ़ाई के साथ-साथ ही छात्रों का अभ्यास होगा और उनका असेसमेंट भी हो सकेगा।
2019 में हुआ था सफल ट्रायल
वर्ष 2019 में इसका ट्रायल किया गया था, जो सफल रहा। इसमें 30 छात्रों का चयन कर उन्हें एक महीने तक निशुल्क कोचिंग दी गई। इनमें से 15 छात्र नेट-जेआरएफ में सफल हुए थे।