रैगिंग: एलयू में इंट्रो के नाम पर देर रात छत पर हो रही थी अश्लील हरकतें
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लखनऊ विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट छात्रों के साथ रैगिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। न्यू कैंपस स्थित मैनेजमेंट बॉयज हॉस्टल में रहने वाले 25 छात्रों ने रैगिंग की लिखित शिकायत की है। छात्रों का कहना है कि इंट्रोडक्शन के नाम पर सीनियर छात्र देर रात तक हॉस्टल की छतों पर बुलाकर उन्हें परेशान करते हैं।
इस दौरान उनसे आपत्तिजनक और अश्लील हरकतें भी कराई जाती हैं। हॉस्टल के प्रोवोस्ट ने एडिशनल प्रॉक्टर मो. अहमद को सौंपी रिपोर्ट में मामले को सही बताया। इसके बाद पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है।
रैगिंग के आरोपी 31 छात्र व चार अन्य के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए हसनगंज कोतवाली की पुलिस को एक तहरीर भी दी गई है। हालांकि, इंस्पेक्टर सुरेश यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से किसी भी तहरीर के मिलने की बात से इन्कार किया है।
21 सितंबर की रात करीब एक बजे मैनेजमेंट हॉस्टल से एक छात्र ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशि पांडेय को फोन पर सूचना दी कि हॉस्टल की छत पर लगभग 25 से 30 छात्र इकट्ठा हैं। इनमें बहुत से बाहरी छात्र भी हैं।
यह छात्र हॉस्टल के जूनियर्स का इंट्रोडक्शन ले रहे हैं। प्रो. निशि ने मामले की जानकारी तत्काल हॉस्टल के प्रोवोस्ट डॉ. एके सिंह को दी और वे एडिशनल प्रॉक्टर मो. अहमद और डॉ. किशोरीलाल के साथ मौके पर पहुंचे।
डरे छात्रों ने पहले नहीं खोला मुंह
डॉ. सिंह ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वे लोग जब हॉस्टल की छत पर पहुंचे तो वहां 31 सीनियर छात्र थे। इनमें 19 वर्तमान हॉस्टलर्स व 12 छात्र ऐसे थे जो पिछले साल हॉस्टल में रहे थे।
जब सीनियर्स से पूछताछ हुई तो उन्होंने कहा कि वह फ्रेशर्स पार्टी की तैयारियों को लेकर योजना बना रहे थे। इन सभी के नाम नोट करने के बाद उस समय जाने दिया गया। 22 सितंबर को इस मामले में प्रॉक्टोरियल व प्रोवोस्टियल टीम के सदस्यों ने फ्रेशर छात्रों से अकेले में बातचीत की।
पहले तो वे डरते हुए इंट्रोडक्शन की बात से इन्कार करते रहे। लेकिन बाद में उन्होंने सच्चाई बताई। प्रोवोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार कुछ छात्रों ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले ही हॉस्टल से निष्कासित बीबीए टूरिज्म का छात्र अशद वारसी अब भी हॉस्टल आकर अवैध तरीके से रुकता है।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशि पांडेय ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर है। इसकी गहराई से जांच कराई जा रही है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है, रैगिंग के आरोपी 19 छात्रों को हॉस्टल सुविधा से वंचित कर दिया गया है।
जिन 12 बाहरी छात्रों के नाम आए हैं, उनके विश्वविद्यालय में प्रवेश पर फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया गया है। जांच के दौरान जो छात्र कमेटी का सहयोग नही करेंगे या अराजकता फैलाने की कोशिश करेंगे, उन्हें विश्वविद्यालय से निष्कासित किया जाएगा।
इन छात्रों को किया हॉस्टल से बाहर
बीकॉम ऑनर्स तृतीय वर्ष के उत्पल सिंह, पवन कुमार, बीकॉम ऑनर्स द्वितीय वर्ष के मेगेंद्र कुमार, अभिनव पांडेय, सुधांशु वर्मा, प्रदीप कुमार जायसवाल, विश्वरंजन भट्ट, अजय कुमार, बीबीए द्वितीय वर्ष के उत्कर्ष सिंह, उत्कर्ष सिन्हा, दिरवेश सिंह, बीबीए एमएस तृतीय वर्ष के आयुष पांडेय, बीबीए आईबी तृतीय वर्ष के श्याम मधेशिया, बीए ऑनर्स तृतीय वर्ष के सलमान खान, बीबीए टीयू तृतीय वर्ष के आकाश गुप्ता, बीएचएम द्वितीय वर्ष के अनूप कमार, बीवोक द्वितीय वर्ष के यश अस्थाना, विपिन कुमार और यशवंत पटेल।
हॉस्टल से बाहरी छात्र जिनका प्रवेश हुआ प्रतिबंधित
बीएमएस द्वितीय वर्ष के अंकुर त्रिपाठी, मनीष गुप्ता, बीबीए द्वितीय वर्ष के मेहुल गुप्ता, सिद्घार्थ कौशिक, शफीक अहमद, बीकॉम द्वितीय वर्ष के सौरभ सिंह, बीकॉम तृतीय वर्ष के कृष्णा सिंह, बीबीए टीयू के सहजैब अहमद, बीए ऑनर्स द्वितीय वर्ष अर्जित त्रिपाठी, बीकॉम ऑनर्स द्वितीय वर्ष शशांक गुप्ता, अभिषेक मौर्या, मैत्री बाजपेई।
जो आरोप जूनियर्स ने लगाए हैं वे सभी रैगिंग की श्रेणी में आते हैं। यूजीसी गाइडलाइंस के अनुसार इस मामले में सबसे पहले पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया है।
आगे की कार्रवाई जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर होगी। कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। जिन छात्रों पर आरोप है उसमें राहुल सिंह, शौर्य प्रताप सिंह, राहुल उपाध्याय व अशद वारसी का प्रवेश पहले से विश्वविद्यालय में प्रतिबंधित है।
-प्रो. निशि पांडेय, चीफ प्रॉक्टर, लविवि