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बीएड कॉलेजों में फीस जमा करने की डेट बढ़ी, ई-चालान से भी मान्य
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 16 Jun 2017 08:25 PM IST
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सर्वर डाउन होने और अभ्यर्थियों को सीट लॉक के लिए ओटीपी मिलने में हो रही देरी को लेकर लखनऊ विवि बीएड काउंसलिंग में राहत प्रदान की है। विवि ने कॉलेज की बाकी फीस जमा करने की अवधि बढ़ा दी है। यह तिथि अब 28 जून कर दी गई है।
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इससे पहले कॉलेज अलॉट होने के बाद अभ्यर्थियों को महज तीन दिनों के अंदर फीस जमा कर सीट कंफर्म करनी पड़ती थी। यही नहीं जो छात्र नेट बैंकिंग या फिर कार्ड के माध्यम से फीस जमा नहीं कर सकते उन्हें ई-चालान के माध्यम से फीस जमा करने की सुविधा प्रदान कर दी गई है।
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बीएड काउंसलिंग गत 6 जून से प्रारंभ हुई थी। पहले ही दिन से सर्वर में दिक्कत आने लगी। यही नहीं जिन अच्छे रैंक के अभ्यर्थियों ने पहले ही काउंसलिंग करा ली थी वे ओटीपी न मिलने की वजह से कॉलेज लॉक नहीं कर पा रहे थे।
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इसी वजह से 6 और 7 जून को काउंसलिंग करा चुके अभ्यर्थी सीट लॉक नहीं कर पा रहे थे। उनको कॉलेज अलॉट 9 जून को होना था। कॉलेज अलॉट करने का प्रोसेस लविवि को स्थगित करना पड़ा और उसे 12 जून को प्रस्तावित कर दिया।
सर्वर में अभी दिक्कतें आ रही हैं और छात्रों को कॉलेज लॉक करने के लिए ओटीपी मिलने में परेशानी हो रही है। काउंसलिंग के समय छात्रों को बतौर काउंसलिंग फीस 500 रुपये और कॉलेज की पार्ट फीस 5000 रुपये डीडी के माध्यम से जमा करानी होती है।
छात्र न बताएं अपना ओटीपी
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इसके बाद सीट लॉक करने के बाद उन्हें कॉलेज अलॉटमेंट का लेटर मिलता है। इसके बाद ही उन्हें आवंटित कॉलेज की बाकी फीस जमा करनी होती है। लेकिन शुरुआती दिक्कतों की वजह से पूरी प्रक्रिया में देरी हो जा रही है।
वहीं, बीएड प्रवेश के राज्य कोऑर्डिनेटर प्रो. नीवन खरे ने निर्देश जारी किया है कि छात्र अपना ओटीपी किसी को न बताएं। हो सकता है कि इसे पाने के बाद कोई भी उनके बिहाफ पर कॉलेज लॉक कर दे।
यदि किसी को ओटीपी नहीं मिलता है तो वे वेबसाइट पर जाकर रीसेंड ओटीपी का ऑप्शन चूज कर ओटीपी प्राप्त कर सकते हैं।प्रो. खरे ने बताया कि जो छात्र डेबिट व क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से कॉलेजों की फीस जमा नहीं कर सकते उन्हें विवि ने ई-चालान की सहूलियत प्रदान की है।
ऐसे छात्र आरटीजीएस व एनईएफटी का ऑप्शन सेलेक्ट कर सकते हैं। इसके बाद छात्र को ई-चालान का ऑप्शन मिलेगा। छात्रों को दी गईं सारी जानकारियां भरनी होंगी।
छात्रों को ई-चालान के माध्यम से अपने बैंक अकाउंट से पेमेंट करना होगा, जिसके बाद बैंक को पेमेंट मिलने के बाद उसकी डिटेल अभ्यर्थी के ई-मेल पर भेज दी जाएगी।
वहीं, बीएड प्रवेश के राज्य कोऑर्डिनेटर प्रो. नीवन खरे ने निर्देश जारी किया है कि छात्र अपना ओटीपी किसी को न बताएं। हो सकता है कि इसे पाने के बाद कोई भी उनके बिहाफ पर कॉलेज लॉक कर दे।
यदि किसी को ओटीपी नहीं मिलता है तो वे वेबसाइट पर जाकर रीसेंड ओटीपी का ऑप्शन चूज कर ओटीपी प्राप्त कर सकते हैं।प्रो. खरे ने बताया कि जो छात्र डेबिट व क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से कॉलेजों की फीस जमा नहीं कर सकते उन्हें विवि ने ई-चालान की सहूलियत प्रदान की है।
ऐसे छात्र आरटीजीएस व एनईएफटी का ऑप्शन सेलेक्ट कर सकते हैं। इसके बाद छात्र को ई-चालान का ऑप्शन मिलेगा। छात्रों को दी गईं सारी जानकारियां भरनी होंगी।
छात्रों को ई-चालान के माध्यम से अपने बैंक अकाउंट से पेमेंट करना होगा, जिसके बाद बैंक को पेमेंट मिलने के बाद उसकी डिटेल अभ्यर्थी के ई-मेल पर भेज दी जाएगी।