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केजीएमयू को 250 सीटों पर प्रवेश की अनुमति
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 31 Mar 2016 08:33 PM IST
सार
- 2014-15 में कुछ कमियों के कारण एमसीआई ने सिर्फ 185 सीटों पर ही दी थी प्रवेश की अनुमति
- बची 65 सीटों पर केजीएमयू ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी लड़ाई
- 2015-16 में केजीएमयू ने अपनी सीटों को बचाने में पाई थी सफलता
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250 सीटों पर मिली प्रवेश की अनुमति
- फोटो : demo pic
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विस्तार
केजीएमयू 2016-17 सत्र में एमबीबीएस की 250 सीटों पर प्रवेश ले सकेगा। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई ) ने इसकी अनुमति दे दी है। 24 जून को एमसीआई की टीम ने केजीएमयू में सीटों की अनुमति देने के लिए अंतिम निरीक्षण किया था।
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2014-15 सत्र में कुछ कमियों के कारण एमसीआई ने सिर्फ 185 सीटों पर ही प्रवेश की अनुमति दी थी। जिन 65 सीटों पर प्रवेश एमसीआई ने रोका था, उनके लिए केजीएमयू प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी।
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इसके बाद 2015-16 में भी केजीएमयू ने अपनी सीटों को बचाने में सफलता पाई थी। मालूम हो कि दो साल से केजीएमयू इन सीटों को बचाने की कवायद में जुटा था। कुलपति प्रो. रविकांत ने सभी विभागों के हेड को कमियां दूर करने की जिम्मेदारी दी थी।
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इसी का नतीजा निकला कि लगातार तीसरे सत्र में केजीएमयू ने अपनी सीटों को बचा लिया है। एनॉटामी, फिजियोलॉजी से लेकर मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी, टीचिंग ब्लॉक, ओपीडी, वार्डों में भर्ती करने की व्यवस्था प्रयोगशालाएं, कन्वेंशन सेंटर, शताब्दी अस्पताल तक का एमसीआई की टीम को निरीक्षण कराया गया था।
टीचिंग ब्लॉक और न्यू ओपीडी के एक-एक फ्लोर, कम्प्यूटराइजेशन, मरीजों का ऑनलाइन डाटा रखने की व्यवस्था, यहां तक कि एक-एक फैकल्टी का फिजिकल वेरीफिकेशन किया गया था।